बरेली: पोषाहार के स्मार्ट वितरण व्यवस्था में ओटीपी का अड़ंगा

बरेली: पोषाहार के स्मार्ट वितरण व्यवस्था में ओटीपी का अड़ंगा

बरेली, अमृत विचार। शासन की स्मार्ट फोन से स्मार्ट राशन व्यवस्था जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। राशन (पोषाहार) वितरण के दौरान लाभार्थी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ओटीपी नंबर देने से बच रहे हैं। उनमें ओटीपी नंबर के दुरुपयोग की आशंका बना है। इससे छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को …

बरेली, अमृत विचार। शासन की स्मार्ट फोन से स्मार्ट राशन व्यवस्था जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। राशन (पोषाहार) वितरण के दौरान लाभार्थी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ओटीपी नंबर देने से बच रहे हैं। उनमें ओटीपी नंबर के दुरुपयोग की आशंका बना है। इससे छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को राशन वितरण में बाधा आ रही है।

जिले की बात करें तो यहां 2857 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें शहरी क्षेत्र में 225 हैं। यहां पंजीकृत लाभार्थियों को मिलने वाले राशन वितरण में अक्सर शिकायत रहती थी कि अपात्रों को राशन दिया जा रहा है या फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वितरण के बजाय राशन की कालाबाजारी कर रही हैं। इस समस्या से निपटने के लिए हाल ही में शासन ने स्मार्ट वितरण की व्यवस्था की है। इसके तहत सभी कार्यकर्ताओं को इसी महीने स्मार्ट फोन दिए गए। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों या फिर घरों में रहने वाली गर्भवती व धात्री महिलाओं के घर जाकर उनके नामों का सत्यापन करें और उनके नाम व मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में फीड करेंगी। इसके बाद लाभार्थी के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा।

लाभार्थी को यह ओटीपी आंगनबाड़ी को बताना पड़ेगा। इसके बाद ही विभागीय सिस्टम उसे वास्तविक लाभार्थी मानेगा। लाभार्थी की सिस्टम पर स्वीकृति के बाद ही उसे राशन का वितरण होगा। लेकिन ओटीपी नंबर कार्यकर्ता को देने की व्यवस्था परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. आरबी सिंह का कहना है कि लाभार्थी ओटीपी के दुरुपयोग की आशंका पर यह नंबर आंगनबाड़ी को देने से बच रहे हैं। इससे वितरण प्रभावित हो रहा है।

नहीं मिला सिम, कैसे चले स्मार्ट फोन
सरकार ने भले ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध करा दिए हो, लेकिन अधिकांश आंगनबाड़ी फोन के साथ शासन से सिम मिलने का इंतजार भी कर रही हैं। शहर से सटी ग्राम पंचायत में तैनात एक आंगनबाड़ी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जब शासन से सिम मिलेगा तब वितरण की नई व्यवस्था लागू होगी। हालाकि डीपीओ का कहना है किसी भी आंगनबाड़ी को सिम देने की व्यवस्था नहीं है। आंगनबाड़ी जो सिम पहले से उपयोग करती हैं, वह स्मार्ट फोन में लगाकर इस्तेमाल कर सकती हैं। रिचार्ज के लिए शासन की ओर से उन्हें 200 रुपया महीना दिया जाएगा।

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