हल्द्वानी: गन्ने का रस पी रहें हैं तो जरा संभल कर...बीमार भी कर सकता है

हल्द्वानी, अमृत विचार। गर्मियों का सीजन शुरू होते ही बाजार में गन्ने के जूस का स्टाल और ठेला हर चौराहे से लेकर गली नुक्कड़ में लगा हुआ देखा जा सकता है। गन्ने के रस में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और मैग्नेशियम की मात्रा इसके स्वाद को क्षारीय (खारा) बनाती है, इस रस में मौजूद ये तत्व कैंसर से बचाते है।
गर्मी की तपिश से बचने के लिए शरीर को ठंठा रखने के लिए अधिकांश लोग कोल्ड ड्रिंक्स या अन्य पेय पदार्थों का सहारा लेते है। जिसके चलते आपकी सेहत पर इसका बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों की माने तो गन्ने का रस एक 100 फीसदी नैचुरल ड्रिंक है जिसमें किसी तरह का कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता है। लेकिन इसमें थोड़ी मात्रा में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है।
गर्मियों को शरीर को हाइड्रेटेड रखने के अलावा गन्ने का रस हड्डियों को मजबूत बनाने और खून की कमी से बचाने समेत कई में सहायक होता है। गन्ने के रस को पीते समय बस सावधानी बरतने की आवश्यकता है, गन्ने का रस निकलवाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गन्ने के रस को निकालते वक्त हाथों में दस्ताने लगे होने चाहिए। मशीन को अच्छे से पानी से धुल कर तभी गन्ने का रस निकलवाए। उसके बाद ही गन्ने के रस का सेवन करना चाहिए। दूसरी ओर गन्ने के रस के पीने के कई लाभ बताए गए है, इसमें पोटैशियम की अधिक मात्रा होने की वजह से यह शरीर के पाचनतंत्र को स्वस्थ्य रखता है। इसी के साथ पेट में संक्रमण फैलने से भी रोकता है, गन्ने का रस कब्ज की समस्या को भी दूर करता है। गर्मियों में बार-बार पसीना और कड़ी धूप से शरीर की सारी ताकत खत्म कर देती है और डिहाइड्रेट कर देती है। गन्ने का ताजा रस शरीर को तरोताजा करने का सबसे स्वस्थ्य तरीका होता है।
गन्ने के रस पीने के साइड इफेक्ट
गन्ने के रस पीने के साइड इफेक्ट बहुत कम ही देखने को मिलते है। लेकिन फिर भी यह कुछ स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है। गन्ने में पोलीकोसानॉल नामक तत्व होता है और इसके अधिकर सेवन करने से अनिद्रा, पेट खराब, चक्कर आना, सिरदर्द और वजन भी कम हो सकता है।