शाहजहांपुर: शव दफनाने की जमीन को लेकर दो समुदायों में झड़प

शाहजहांपुर/रोजा,अमृत विचार। शव दफनाने को लेकर दो समुदायों के बीच में कहासुनी हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। बाद में दोनों पक्षों की सहमति से दूसरे स्थान पर शव दफनाने की सहमति बनने के बाद अधिकारियों ने राहत की …
शाहजहांपुर/रोजा,अमृत विचार। शव दफनाने को लेकर दो समुदायों के बीच में कहासुनी हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। बाद में दोनों पक्षों की सहमति से दूसरे स्थान पर शव दफनाने की सहमति बनने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
गांव बसुलियां निवासी इसरार (72) कई दिनों से बीमार चल रहे थे। सोमवार शाम उनका इंतकाल हो गया। मंगलवार की सुबह उनका शव दफनाने के लिए जिस स्थान पर पहुंचा, तो वहां दूसरे समुदाय के उमाशंकर ने अपना पैतृक स्थान बताते हुए शव दफनाने का विरोध करना शुरू कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
शव दफनाने को लेकर दोनों समुदायों के बीच कहासुनी की सूचना मिलते ही अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में एसडीएम सदर, सीओ सदर, थाना प्रभारी, तहसीलदार मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों से वार्ता की। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर शव दफनाया जाता है अब उस स्थान पर शव दफनाने से मना किया जा रहा है।
दूसरे पक्ष का कहना है कि ये जमीन उनकी पैतृक जमीन है पूर्वजों ने पहले यहां शव दफनाने की अनुमति दी थी, लेकिन अब वह अपनी जमीन पर शव दफनाने की अनुमति नहीं देंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन के कागजात देखकर गांव वालों से वार्ता कर सड़क के किनारे खाली पड़ी जमीन को कब्रिस्तान बनाए जाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर आम सहमति बन गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत जेसीबी मशीन बुलाकर जमीन को समतल कराकर कब्र खुदवा दी। दोपहर को इसरार को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
शव दफनाने तक गांव में तैनात रहा फोर्स
दोनों समुदायों में आपसी सहमति पर दूसरे स्थान पर जब शव दफन करने की बात पक्की हो गई, तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली लेकिन इस मामले में प्रशासन कोई लापरवाही नहीं बरतना चाह रहा था, इसलिए जब तक शव दफन नहीं हो गया, तब तक गांव में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
दोनों पक्षों में रजामंदी के बाद दूसरी जगह पर शव दफनाने की बात कही गई, जिस पर लोग राजी हो गए और दूसरी जगह पर शव दफन करा दिया गया है। मामला पूरी तरह से शांत है, कहीं किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है— अखंड प्रताप सिंह, सीओ सदर।
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