गोंडा: तेज हवाओं के साथ बारिश ने लिया विकराल रूप, ओलावृष्टि से सरसों की फसल हुई चौपट
विद्युत खम्भे से टकराई आकाशीय बिजली, कई इलाके अंधेरे में

गोंडा, अमृत विचार। शनिवार की दोपहर बाद शुरू हुई हलकी बारिश ने रात व रविवार को दिन में भीषण रूप धारण कर लिया। शनिवार रात व रविवार को हुई बारिश के साथ कई इलाकों में जमकर ओलावृष्टि हुई और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हुईं।
आकाशीय बिजली गिरने तथा तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली गुल हो गई। ग्रामीण इलाकों में तो कई जगह पर पूरी रात बिजली नहीं आई जबकि ओलावृष्टि व हवाओं के साथ बारिश से सरसो की फसल चौपट हो गई। दलहनी फसल अरहर की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
परसपुर क्षेत्र के बेलसर मार्ग पर रविवार को दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ हुए झमाझम बरसात व ओलावृष्टि के समय ग्यारह हजार वोल्टेज आपूर्ति का खम्भा आकाशीय बिजली की जद में आ गया। आसमान में गड़गड़ाहट व तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली के टकराव से खम्भे के तार से तेज चिंगारी निकलने लगी। यह देख लोगों में अफरा तफरी हो गई।
वहीं परसपुर चौराहा के समीप भी विद्युत पोल में आकाशीय बिजली टकराने की चर्चा रही। दो दिनों से हुए मौसम में बदलाव होने के चलते आसमान में बादल छाए रहे हैं। शनिवार को भी दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ हल्की बरसात के बाद लोगों ने ठंडक महसूस किया। रविवार को भी सुबह से ही आसमान में छाए बादल के बीच हल्की बूंदाबांदी हुई और देखते ही देखते दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया और तकरीबन बीस मिनट तक कई जगहों पर बर्फबारी के साथ झमाझम बरसात हुई।
देर रात तक चलता रहा बारिश का सिलसिला
फिलहाल रुक रुककर रिमझिम बरसात का यह सिलसिला देर शाम तक रहा है। दो दिनों से धूप नहीं निकलने से फिर एक बार मौसम सर्द के गिरफ्त में आ गया। ग्राम बहुवन मदार माझा, पसका, पूरे, तिवारी, राजापुर, दुरौनी, सकरौर, भौरीगंज, चरसडी समेत कई गाँव में बरसात के साथ बर्फ के बड़े बड़े टुकड़े गिरने से किसानों की फसल प्रभावित हुई है।
बहुवन मदार माझा के किसान चन्द्रहास सिंह मन्टू ने बताया कि पककर तैयार सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। गेंहू की फसल में निकली फली बालियां बर्फबारी के चपेट में आकर झुक गयी। उन्होंने बताया कि बरसात में बर्फबारी होने से गांव के खेत में काम पर निकले किसान सुख मंगल 32 वर्ष, कल्लू 19 वर्ष चोटिल हो गये। किसानों ने बताया कि एक तरफ बरसात होने से गेहूं के फसल को फायदा होने की उम्मीद बढ़ी है।
सरसों के लिए नुकसानदायक है यह फसल
किसानों ने तेज हवाओं के साथ बरसात होने से फसल बर्बाद होने की आशंका जताई। राजापुर के किसान कुलदीप सिंह ने बताया कि यह बरसात गेहूं के लिए फायदा तो सरसों के लिए काफी नुकसान दायक है। क्योंकि सरसों फसल पककर तैयार है। काटने के वक्त बरसात के साथ तेज हवा चलने व बर्फबारी होने से तैयार सरसों खेत में गिर गई है।
बताया जा रहा है कि कई दिनों से तेज धूप निकलने गर्मी का अहसास होने लगा था। किन्तु शनिवार की सुबह से अचानक मौसम फिर बदल गया और बादल छा गए। वैवाहिक कार्यक्रमों की धूम के चलते सामानों की खरीददारी करने में लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।
करनैलगंज तहसील इलाके में बीते दो दिनों से हो रही रुक रुक कर बारिश के बीच रविवार को कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई। जिससे किसानों की तिलहनी व दलहनी फसलों को जहां नुकसान हुआ है, वहीं गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। बारिश के चलते क्षेत्र में बिजली व्यवस्था भी चौपट हो गई है। शनिवार की देर रात से शुरू हुई झमाझम बारिश के साथ बिजली भी गुल हो गई जोकि रविवार दोपहर बाद तक चालू नहीं की जा सकी।
बारिश के कारण कुछ जगहों पर गिर गए तार
विद्युत उपखंड अधिकारी एनएन भारतीय का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में कुछ जगहों पर तार गिरने से समस्या आई थी जिसे सही करने में विद्युत कर्मी लगे है। संभवता शाम तक लाइन चालू हो जाएगी। मनकापुर में जंगल के बीच 5 ग्राम पंचायत हैं जिसमें महादेवा, सतिया, परसापुर थनवा, सुरजापुर, व हरदवा में रात 12 बजे से लाइट नहीं है।
सुबह रघुराज नगर फीडर पर लाइट न आने के बारे में पता किया गया तो बताया गया कि रात में बरसात के कारण 33 केवी लाइन में तरबगंज रोड पर केबल बक्शा जल गया है जिस कारण विद्युत व्यस्था बंद है। जल्द ही उसे बना कर विद्युत बहाल हो जाएगी। शहर में भी दोपहर में करीब ढाई घंटे तक बिजली गुल रही। आसमान से बिजली के कड़कने की आवाज से लोग सहमे रहे। रह-रह कर तेज हवा व बारिश से लोग बेहाल रहे।