बरेली: मिनी सचिवालयों पर ताला, कोई नहीं हाल पूछने वाला

बरेली, अमृत विचार। दावा किया गया था कि गांवों में लोगों को सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए सरकार मिनी सचिवालय बनवाएगी। करोड़ों खर्च कर इमारतों का निर्माण तो हो गया लेकिन ग्रामीणों को फिर भी कोई फायदा नहीं मिला। बृहस्पतिवार को अमृत विचार की टीम ने पड़ताल की तो तमाम मिनी सचिवालयों में ताले लटके मिले। पता चला कि सचिवालयों में न प्रधान बैठते हैं न सचिव। लोगों को अपने काम के लिए पहले की तरह तहसीलों-ब्लॉकों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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पंचायत राज विभाग के अनुसार जिले की 1193 ग्राम पंचायतों में से 1156 गांवों में मिनी सचिवालयों का निर्माण पूरा हो चुका है और सभी जगह कार्यालय संचालित हैं। अमृत विचार की टीम यह दावा परखने निकली तो भुता, शेरगढ़, बिथरी चैनपुर, बहेड़ी, मीरगंज में असलियत सामने आ गई। कई मिनी सचिवालयों की स्थिति जर्जर मिली तो कई में ताला लटका मिला। जो सचिवालय खुले थे, वहां भी कोई काम होता नहीं दिखा। ग्रामीणों ने शिकायत की कि उन्हें सचिव और पंचायत कर्मियों से मिलने के लिए तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
मिनी सचिवालयों पर था इन सुविधाओं का वादा
शासन के मानकों के अनुरूप मिनी सचिवालयों पर बैठक हाल, दो कार्यालय कक्ष, कर्मी आवास, बरामदा तथा शौचालय होना अनिवार्य है। इसके साथ बीपीएल परिवारों की सूची, योजनाओं के लाभार्थियों का ब्यौरा और योजनाओं से संबंधित आवेदन पत्र उपलब्ध होने चाहिए।
गूला: प्रधान-सचिव गायब, पंचायत सहायक ही मिली
मीरगंज के गांव गूला में मिनी सचिवालय का मेन गेट तो खुला था लेकिन प्रधान और सचिव के बैठने के लिए बन कमरे बंद थे। ग्रामीणों ने बताया कि यहां सिर्फ पंचायत सहायक रोज आकर अपना काम करती है। पंचायत सहायक ने बताया कि वह आयुष्मान कार्ड बना रही हैं।
करमपुर चौधरी: मिनी सचिवालय पर लटका ताला
भोजीपुरा के करमपुर चौधरी में मिनी सचिवालय बनकर तैयार हो चुका है। यहां तैनात पंचायत सहायक का मानेदय भी निकल रहा है लेकिन गुरुवार को यहांताला लटका मिला। ग्रामीणों ने बताया कि मिनी सचिवालय सिर्फ नाम का है। अपने कामकाज के लिए उन्हें तहसील या मुख्यालय जाना पड़ता है।
दीदार पट्टी: हर तरफ गंदगी, कोई आता भी नहीं
विकासखंड बिथरी की ग्राम पंचायत दीदार पट्टी के मिनी सचिवालय में भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। कागजों में यह मिली सचिवालय पूरी तरह संचालित है लेकिन मौके पर कुछ और है। सचिवालय के गेट पर ग्रामीणों ने कृषि संबंधी यंत्र खड़े रखे हुए हैं। पूरी इमारत भीषण गंदगी से घिरी हुई है।
सैदपुर चुन्नीलाल: पैसे हड़पकर खिसक गए सचिव
बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सैदपुर चुन्नीलाल में मिनी सचिवालय अधूरा पड़ा है। ग्राम प्रधान के पति दौलत खां ने बताया कि मिनी सचिवालय का पैसा निकालकर कोई सचिव पहले ही भाग गया है। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत वह अधिकारियों से कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मनेहरा: नक्शा ही मंजूर नहीं करा सके अफसर
ग्राम पंचायत मनेहरा में मिनी सचिवालय का निर्माण अधर में लटका हुआ है। ग्राम प्रधान ने बताया पंचायत सचिवालय का निर्माण नक्शा नहीं पास होने की वजह से देरी से शुरू कर पाए। पता चला कि पंचायत सचिवालय अधूरा होने के बावजूद पंचायत सहायक ताहिर को लगातार वेतन दिया जा रहा है।
जिलौर : सचिव आते नहीं, सहायक-प्रधान सुनते हैं समस्या
ब्लॉक क्यारा की ग्राम पंचायत जितौर का मिनी सचिवालय दोपहर दो बजे बंद था। गांव वालों ने बताया कि सचिव पिछले तीन दिनों से गांव में ही रह रहे हैं। सर्दी की वजह से यहां बैठने वाले सहायक और प्रधान दोपहर तक बैठे और लोगों की समस्याओं को सुना।
ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। जहां-जहां मिनी सचिवालय बंद मिले हैं, वहां के संबंधित सचिवों पर कार्रवाई होगी। -जगप्रवैश, मुख्य विकास अधिकारी
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