पीलीभीत: अफसरों से गठजोड़ के कारण ठेकेदार को अभयदान, नहीं हुई कार्रवाई

मिश्रायन गौटिया में बनाई गई थी 4.50 किलोमीटर सड़क

पीलीभीत: अफसरों से गठजोड़ के कारण ठेकेदार को अभयदान, नहीं हुई कार्रवाई

पीलीभीत, अमृत विचार। मंडी समिति की ओर से बनाई गई मिश्रियन गौटिया की सड़क की गुणवत्ता खराब होने के मामले में भले ही अफसर स्वीकार कर रहे हो। लेकिन सप्ताह बीतने के बाद भी कार्यदायी संस्था पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं वीडियो वायरल होने के बाद भी सड़क को ठीक नहीं कराया गया है। जबकि पीडब्ल्यूडी और आरईएस की सड़क बनाने वाले ठेकेदारों के द्वारा सड़क की गुणवत्ता खराब होने पर ब्लैक लिस्ट और एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लेकिन अफसरों से सांठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मंडी समिति की ओर से मरौरी ब्लॉक के गांव मिश्रियन गौटिया सड़क लंबे समय से जर्जर पड़ी हुई थी। जिसको बनाने के लिए लंबे समय से मांग चल रही थी। इस मंडी समिति की ओर से इस सड़क का निर्माण कराने के लिए टेंडर निकाला था। सड़क का निर्माण करने के लिए 12 लाख रुपय की लागत तय की गई थी।

इस सड़क का टेंडर शाहजहांपुर की एक फर्म ने लिया था। टेंडर प्रक्रिया होने के बाद अफसरों ने निर्देश दिए थे कि ठंड में सड़क का निर्माण न कराया जाए। सड़क का निर्माण कराने के लिए 30 नवंबर से पहले ही पूरा करने को कहा गया था। लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से लेटलतीफी करते हुए इसका निर्माण दिसंबर माह में शुरू किया। इस पर अफसरों ने भी संज्ञान नहीं लिया।

सांठगांठ और कमीशनखोरी के चलते कार्यदायी संस्था ने गुणवत्ता विहीन तरीके से सड़क का निर्माण कराना शुरू कर दिया। कार्यदायी संस्था की ओर से बनाई गई  300 मीटर तीसरे दिन ही ऊखड़ना शुरू हो गई। सड़क की गुणवत्ता खराब होने पर ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

27 दिसंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें कुछ ग्रामीण सड़क को हाथ और पैर से उखाड़ते हुए दिखाई दे रहे थे। इतना ही नहीं उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल जवाब करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

वीडियो वायरल होने के बाद उच्चधिकारियों ने इस संज्ञान लेते हुए मंडी डीडीसी गिरधारी लाल को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस पर उन्होंने सड़क की गुणवत्ता ठीक न होने की बात को भी स्वीकार करते हुए जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। लेकिन यह आश्वासन सिर्फ फाइलों में ही दफन होकर रह गया है। औपचारिकता पूरी करने के लिए सिर्फ ठेकेदार को नोटिस जारी कर निर्माण रुकवा दिया गया है। इसके अलावा अन्य कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। 

सड़क का निर्माण ठंड में कर दिया गया था। इस वजह से सड़क उखड़ने लगी है। मामला संज्ञान में आने के बाद सड़क का निर्माण रोक दिया गया है। नोटिस भी जारी किया गया है। साथ ही कार्यदायी संस्था को भुगतान भी नहीं किया गया है। मौसम ठीक होने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। जिसके बाद ही भुगतान जारी किया जाएगा--- गिरधारी लाल, डीडीसी, मंडी समिति।

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