सुविधाओं पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करते हुए मूलभूत सुविधाओं पर ज्यादा फोकस किया है। सरकार की कोशिश प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने की भी है। इसके अलावा युवा, महिला कल्याण, स्वास्थ्य समेत तमाम बातों का बजट में समावेश किया गया है। खास बात यह है …
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करते हुए मूलभूत सुविधाओं पर ज्यादा फोकस किया है। सरकार की कोशिश प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने की भी है। इसके अलावा युवा, महिला कल्याण, स्वास्थ्य समेत तमाम बातों का बजट में समावेश किया गया है।
खास बात यह है कि बजट में सरकार ने किसी भी तरह के नए टैक्स की घोषणा नहीं की है। राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार हो इसके लिए सरकार ने इस बार बजट में फोकस किया है। इसके लिए सड़क, पुलों सहित अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाओं पर जोर है। सरकार ने पांच एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए खजाना खोलने की बात कही है। प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और युवा उद्यमिता विकास अभियान योजना को शुरू करने का निर्णय लिया गया है। हर जिले को युवा हब बनाने का ऐलान करना भी इसकी कोशिश कही जा सकती है।
बजट में वित्तीय वर्ष 2020-21 में सरकार ने 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले यह बजट 33 हजार 159 करोड़ रुपये ज्यादा का है। बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई हैं। धार्मिक नगरियों के विकास पर योगी सरकार का खास ध्यान रहा है। बजट में वाराणसी व अयोध्या का खास तौर पर ध्यान रखा गया है। अयोध्या के लिए करीब 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है जिसका मतलब साफ है कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को खास बढ़ावा देने जा रही है।
सरकार का शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन का बनाने का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए सरकार ने आवश्यक उपायों के बारे में भी बताया है। राज्य नीति आयोग का गठन भी सरकार का एक बड़ा कदम होगा। बजट में योगी सरकार की प्रतिबद्धता सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा के साथ स्वच्छ भारत को बढ़ावा देने की भी दिख रही है। यह सही है कि तमाम नई घोषणाओं के साथ सरकार ने कोशिश की है कि प्रदेश में हर वर्ग, तबके का ध्यान रखा जाए, मगर सरकार को यह भी ध्यान रखना होगा कि बजट के बढ़े हुए आकार के लिहाज से रेवेन्यू भी सरकार के खाते में आए।
सबसे बड़ी बात यह है कि बजट का आकार बढ़ाने के बावजूद किसी भी तरह के नए टैक्स की घोषणा नहीं की गई है, जाहिर है सरकार के लिए नई योजनाओं के लिए धन जुटाना चुनौती होगी। लिहाजा यह भविष्य पर निर्भर करता है कि सरकार इस पर अमलीजामा पहनाने के लिए किस तरह काम करती है। बहरहाल सरकार ने राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर चुनौतीपूर्ण कार्य किया है।