बरेली: आचार संहिता में रकम फंसने के डर से काम नहीं कर रहे ठेकेदार

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के 15वें वित्त आयोग के बड़ी संख्या में सड़क-नाली के काम स्वीकृत होने के बावजूद उनका निर्माण शुरू नहीं कराया जा रहा है। बताते हैं कि साल के अंत तक चुनाव के लिए आचार संहिता लगने की संभावना के चलते बड़ी संख्या में ठेकेदार निर्माण के नए कामों में हाथ डालने …
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के 15वें वित्त आयोग के बड़ी संख्या में सड़क-नाली के काम स्वीकृत होने के बावजूद उनका निर्माण शुरू नहीं कराया जा रहा है। बताते हैं कि साल के अंत तक चुनाव के लिए आचार संहिता लगने की संभावना के चलते बड़ी संख्या में ठेकेदार निर्माण के नए कामों में हाथ डालने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि आचार संहिता के बाद तमाम स्थितियां बदल जाएंगी। इसलिए कहीं उनका भुगतान फंस न जाए। हालांकि नगर निगम के अधिकारी दबाव बनाकर सभी काम जल्द शुरू कराने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल इसे लेकर ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों के बीच अंदरखाने रस्साकसी मची हुई है।
तीन-चार महीने पहले नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग से मंजूर बड़ी संख्या में सड़क-गली व गली के निर्माण कार्य स्वीकृत कराए थे। बड़ी संख्या में उनके टेंडर भी हो गए लेकिन उन्हें शुरू नहीं कराया जा सका। निर्माण विभाग के अधिकारियों पर सवाल ये उठे कि वे ठेकेदारों को काम शुरू करने के लिए वर्क ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। इस वजह से 50 से 60 करोड़ रुपये से छोटे-छोटे करीब चार सौ कामों को शुरू करने में देरी हो रही है।
मेयर डॉ. उमेश गौतम की ओर से इस संबंध नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को चिट्ठी भी जारी की गई थी लेकिन सूत्र बताते हैं कि स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं। इसके लिए साल के अंत तक आचार संहिता लगने की भी संभावना है। तमाम ठेकेदारों का कहना है कि आचार संहिता लगने के बाद कई परिस्थितियां बदल सकती हैं। ऐसे में जो निर्माण कार्य कराए गए हैं, उसमें भुगतान या अन्य तरह की कोई अड़चन न पैदा हो जाए, इसी आशंका के चलते ठेकेदार बड़ी संख्या में निर्माण कार्यों में हाथ डालने से कतरा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस स्थिति की वजह से बड़ी संख्या में निर्माण कार्य या तो अब तक शुरू नहीं हो सके हैं या दबाव में आकर ठेकेदारों ने काम तो शुरू कर दिया है लेकिन उसमें पूरा पैसा लगाने के बजाय उन्हें आधा-अधूरा छोड़ दिया है। ये अधूरे काम जनता के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। अपर नगर आयुक्त अजीत सिंह का कहना है कि विकास कार्यों की बैठकों में नियमित समीक्षा की जा रही है।