मेरठ: अवैध मांस की बरामदगी के मामले में पूर्व मंत्री फरार, गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बंद पड़ी मीट फैक्ट्री से पांच करोड़ रुपये का अवैध मांस की बरामदगी के बाद कुरैशी परिवार सहित फरार हो गये हैं। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी …
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बंद पड़ी मीट फैक्ट्री से पांच करोड़ रुपये का अवैध मांस की बरामदगी के बाद कुरैशी परिवार सहित फरार हो गये हैं। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री और उनके दो बेटों समेत 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा इस मामले में सख्ती बरतते हुए जब याकूब और उनके परिवार के लोगों की तलाश की तो वे फरार मिले। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि मेरठ हापुड़ रोड पर स्थित खरखौदा के अलीपुरा गांव में अल-फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड पर पुलिस और प्रशासन की एक टीम ने पशु वध की सूचना पर बुधवार देर रात छापा मारा था। छापे के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से 2460 क्विंटल मांस बरामद किया है। जिसकी कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी, उनके दो बेटे इमरान और फिरोज तथा 10 अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 269, 270, 272, 273 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि 10 लोग इस मामले में गिरफ्तार किये गये हैं। उन्होंने कहा कि याकूब, उनकी पत्नी और दोनों बेटों की तलाश की जा रही है।
चौधरी ने बताया कि इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत भी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि छापेमारी में पाया गया कि याकूब कुरैशी की सील फैक्टरी में मांस की पैकिंग का काम जारी था। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सख्त कार्रवाई की जायेगी। एसडीएम सदर संदीप भागिया ने बताया कि अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने 2019 में सील की थी।
फैक्टरी में 2460 क्विंटल मीट बरामद हुआ है और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने बताया कि फैक्टरी में अन्य किसी भी तरह का कार्य संचालित न करने के लिए शपथ पत्र भी दिया गया था, जिसके बावजूद भी फैक्टरी में कार्य संचालित होता पाया गया।
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