शाहजहांपुर: नदी में डूबे तीन बच्चों में एक बच्चे का मिला शव, अन्य दो बच्चों की तलाश में जुटी दो टीमें

एसडीआरएफ टीम ने मशक्त के तीन घंटे बाद शव किया बरामद

शाहजहांपुर: नदी में डूबे तीन बच्चों में एक बच्चे का मिला शव, अन्य दो बच्चों की तलाश में जुटी दो टीमें

शाहजहांपुर, अमृत विचार। गर्रा नदी के ककरा कुंड में डूबे तीन बच्चों में एसडीआरएफ टीम ने एक बालक के शव नदी से बरामद कर लिया। एसडीआरएफ की टीम नदी में डूबे दो बच्चों की तलाश कर रही है। इधर डूबे बच्चों के परिवार वाले रात भर नदी के किनारे टकटकी निगाह से नदी की तरफ देख रहे थे।

सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला मामूड़ी निवासी मोहम्मद अखलाक पुत्र मोहम्मद इकबाल, 12 वर्षीय शाहरुख पुत्र मुसाफिर, 14 वर्षीय शोएब पुत्र शौकत अली ओर 12 वर्षीय जीशान पुत्र मुसाफिर सोमवार की दोपहर तीन बजे गर्रा नदी में डाट वाले पुल के निकट ककरा कुंड के पास नहाने के लिए गए थे। चारों बच्चे नदी में नहाने लगे। नहाते समय पहले शोएब नदी में डूबने लगा। इस दौरान शाहरुख और अखलाक दोनों उसे बचाने के लिए गए तो दोनों बच्चे डूबने लगे। तीनों बच्चे नदी में डूब गए। चौथे बच्चे जीशान ने घर पर आकर परिवार वालों को तीनों लोग नदी में डूब गए है। एसपी, सीओ सिटी और थाना प्रभारी निरीक्षक नदी पर पहुंचे। दमकम कर्मचारियों और गोताखोरों ने तीन डूबे बच्चों की तलाश की, लेकिन तीनों बच्चे नहीं मिले थे। पुलिस अधिकारियों ने बरेली से एसडीआरएफ और पीएसी की रेसक्यू टीम को बुलाया। दोनों टीमें मंगलवार की सुबह 10 बजे गर्रा नदी पर पहुंची। टीम ने मशक्कत के चार घंटे बाद दिन में दो बजे शाहरुख के शव को नदी से बरामद कर लिया और शव को नदी के बाहर लेकर आए। दोनों टीमें डूबे अखलाक और शोएब की तलाश कर रही है। पुलिस ने शाहरुख के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि एक बच्चे का शव बरामद हो गया है और डूबे दो बच्चों की तलाश की जा रही है। 

ईद की खुशियां मातम में बदल गयी
मृतक शाहरुख के पिता मुसाफिर मजदूरी करते है। शाहरुख का भाई जीशान भी नहाने गया था। शाहरुख का शव मिलते ही परिवार में रोना पीटना मच गया। शाहरुख ने रोजा रख रखा था। पांच भाइयों में सबसे छोटा था। मृतक की मां नन्ही ने बताया कि उसके बेटे जीशान ने घर पर आकर डुबने की सूचना दी थी। वह चार-पांच दिन से अपने साथियों के साथ बराबर नदी में नहाने के लिए जाता था। लेकिन घर पर नहीं बताता था कि वह नहाने गया है। वह शाम को घर पर आकर बताता था कि पार्क गए थे। सोमवार को नदी पर जाने के लिए मना भी किया था। ईद को लेकर तैयारी चल रही थी और मातम में बदल गयी। 

शोएब कक्षा आठ में पढ़ता था
दोनों टीमें गर्रा नदी में डूबे शोएब की तलाश कर रही है। उसके मामा मुनब्बर ने बताया कि वह कक्षा आठ में पढ़ता था और कुरान पढ़ने के लिए मदरसे में जाता था। शोएब चार भाई और बहनों में तीसरे नंबर का था। उसकी मां फूल बी कई साल पहले निधन हो गया था। उसके पिता शौकत सब्जी का ठेला लगाता है। परिवार वाले उसके लिए दुआ कर रहे कि जिन्दा वापस मिल जाए। 

अखलाक घर पर बताकर नहीं गया था
नदी में डूबे अखलाक के पिता इकबाल सब्जी बेचते है। वह पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर का था। परिवार वालों का कहना है कि वह घर पर कुछ बताकर नहीं गया था। उसने कहा था कि एक घंटे में वापस आ जाऊंगा। वह घर से दोपहर नमाज पढ़कर निकला था और  रोजा रखा था। रोजा अफ्तार के समय घर आ जाता था। परिवार वाले चिंता में डूबे हुए है। 

नदी में है मगरमच्छ 
क्षेत्र के लोगों ने ककरा कुण्ड के पास काफी संख्या में मगरमच्छ है, जो नदी के किनारे आ जाता है। एक बार मगरमच्छ ने भैंस पर हमला किया था, लेकिन भैंस बच गयी थी। इस लिए लोग यहां पर भैंस लेकर नहीं जाते है। आज भी लोगों ने मगरमच्छ को एक स्थान पर देखा। नदी के किनारे काफी संख्या में लोग एकत्रित थे।

सपा जिलाध्यक्ष ने ढाढस बांधा
सपा के जिला अध्यक्ष तनवीर खां मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी बच्चों के परिजनों से मिलकर उनको ढाढस बांधा। उन्होंने एक बच्चे का शव मिलने के बाद रेस्क्यू के अधिकारियों से मिलकर अन्य दो बच्चों की तलाश में तेजी लाने के लिए कहा है।

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