ऐसे कैसे होगा यूपी का औद्योगीकरण! औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव हाईकोर्ट में तलब 

ऐसे कैसे होगा यूपी का औद्योगीकरण! औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव हाईकोर्ट में तलब 

अमृत विचार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार, अगले दो वर्षों में (2027-28) तक राज्य की अर्थव्यवस्था, एक ट्रिलियन डॉलर तक करने की कोशिशें में जुटी है। देश-दुनिया के निवेशकों से संपर्क साधा जा रहा है कि यूपी आएं और निवेश करें। लेकिन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, (UPSIDA) जिस पर औद्योगीकरण को विस्तार देने की जिम्मेदारी है। वही, एक औद्योगिक इकाई को धरातल पर उतारने में अड़ंगा लगाने के विवाद में घिर गई है। यूपीसीडा के अड़ने पर कंपनी को हाईकोर्ट का रुख करने के लिए विवश होना पड़ा। प्रकरण की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने औद्योगिक विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के रवैये के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया है। 

ये प्रकरण इस्टर एग्रो प्रॉड्क्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। यूपीसीडा ने इस्टर कंपनी को हरदोई के संडीला में एक औद्योगिक प्लॉट आवंटित किया था। कंपना यहां गारेंट्स का प्लांट लगाना चाहती है। आरोप है कि बाद में यूपीसीडा ने कंपनी पर अधिक चार्जेज लगा दिए, जिनकी वैल्यू कोई 5.50 करोड़ के आसपास है। इतना ही नहीं बाद में इस्टर को आवंटित प्लॉट का आवंटन भी निरस्त कर दिया। 

इस पर कंपनी ने यूपीसीडा और राज्य सरकार से संपर्क साधा। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास विभाग से कहा कि औद्योगिक इकाई को धरातल पर उतारने में सहयोग प्रदान करें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कोई राहत नहीं मिलने पर 23 दिसंबर 2023 को कंपनी ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की। 

अब हाईकोर्ट में इस प्रकरण पर सुनवाई चल रही है। इस्टर कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र मिश्रा और एडवोकेट आशीष कुमार सिंह अदालत में कंपनी की पैरवी कर रहे हैं। 

28 फरवरी को सुनवाई के दौरान यूपीसीडा ने अदालत में कहा कि हमने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इस पर न्यायालय ने आईआईडीडी को निर्धारित समयसीमा के अंदर पुनवर्चिार याचिका पर निर्णय लेने के लिए निर्देशित किया। आज-मंगलवार को दोबारा इस पर सुनवाई हुई। लेकिन विभाग द्वारा शिथिल रुख अपनाते हुए अपूर्ण इंस्ट्रक्शन दाखिल किए। जिस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से 4 अप्रैल को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव से कहा कि क्यों न आपके ऊपर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए? 

इन्वेस्ट यूपी के सीईओ हो चुके सस्पेंड 
यूपी के औद्योगीकरण में अड़ंगा लगाने को लेकर हाल ही में राज्य सरकार ने इन्वेस्ट यूपी के सीईओ और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को सस्पेंड किया था। अभिषेक प्रकाश, निवेश में अड़ंगा बनने के आरोप में घिरे हैं। ऐसे में औद्योगिक विकास विभाग इस्टर कंपनी की राह का रोड़ा बन रही है।

उद्योग-रोजगार में अड़ंगा 
इस्टर कंपनी संडीला में गारमेंट्स की औद्योगिक इकाई लगाने की योजना बनाए है। कंपनी का प्रोडक्शन प्रारंभ होने से संडीला में बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध हों। दूसरा, सरकार भी राज्य में औद्योगीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसी मकसद से Invest Up की मुहिम चलाई जा रही है। लेकिन यहां औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के बजाय औद्योगिक इकाईयों की स्थापना में पेंच फंसाने का ये मामला अदालत में पहुंच गया है।

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