बरेली: मोबाइल पर पाना चाहते हैं गन्ने की पर्ची तो हटा दें डीएनडी, जानें डिटेल्स

बरेली: मोबाइल पर पाना चाहते हैं गन्ने की पर्ची तो हटा दें डीएनडी, जानें डिटेल्स

बरेली, अमृत विचार। गन्ना का पेराई सत्र शुरू होने के बाद प्रदेश भर में 10 लाख गन्ना पर्चियां कैलेंडर के बेसमोड पर जारी की गई हैं। जिसमें 32 हजार गन्ना पर्चियां छोटे किसानों को भी जारी हुई हैं। मगर किसानों के सामने एक बड़ी समस्या आ रही है। बहुत सारे किसानों तक गन्ना पर्ची का …

बरेली, अमृत विचार। गन्ना का पेराई सत्र शुरू होने के बाद प्रदेश भर में 10 लाख गन्ना पर्चियां कैलेंडर के बेसमोड पर जारी की गई हैं। जिसमें 32 हजार गन्ना पर्चियां छोटे किसानों को भी जारी हुई हैं। मगर किसानों के सामने एक बड़ी समस्या आ रही है। बहुत सारे किसानों तक गन्ना पर्ची का एसएमएस नहीं पहुंच पा रहा हैं।

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जिससे किसानों को भटकना पड़ रहा है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने किसानों को कहा है कि वे अपने मोबाइल से डीएनडी सेवा को हटाएं जिसके बाद ही उनके मोबाइल तक पहुंच पाएगी। उन्होंने इस संबंध में मंडलीय व जिले के अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि वो किसानों को जागरूक करें।

गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बरेली मंडल ( बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत व कासगंज) में 5 लाख से ज्यादा गन्ना किसान हैं। वर्ष 2022-23 के पेराई सत्र के लिए सर्वेक्षण के मुताबिक मंडल में गन्ने का क्षेत्रफल 349138 हेक्टेयर है, जिससे लगभग 2763.47 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन संभावित है।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनका मकसद किसानों तक समय से सूचना पहुंचाना है। कई किसानों से यह शिकायत मिल रही थी कि उन्हें गन्ना पर्ची के एसएमएस नहीं मिल रहे हैं। जिसकी बड़ी वजह उनका मोबाइल नंबर गलत होना या फिर मोबाइल पर डीएनडी ( डू नॉट डिस्टर्ब) की सेवा का एक्टिव होना हो सकता है।

किसान स्मार्ट गन्ना किसान वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर की जांच कर लें। अगर नंबर गलत है तो गन्ना पर्यवेक्षक या समिति सचिव से संपर्क कर मोबाइल नंबर सही करा लें। मोबाइल एसएमएस इनबॉक्स भरा होने, मोबाइल बंद होने, नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होने या फिर डीएनडी एक्टिवेट होने पर एसएमएस पर्ची का संदेश 24 घंटे में निरस्त हो जाएगा। जिससे किसानों को उनकी गन्ना पर्ची नहीं मिल पाएगी। लिहाजा किसान अपने मोबाइल को खुला रखें व डीएनडी सेवा को डिएक्टिवेट कर दें। इसके अलावा गन्ना एप के जरिए भी किसान अपनी पर्ची प्राप्त कर सकते हैं।

मोबाइल नंबर नहीं तो किसानों को पर्ची नहीं
अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए आदेश जारी किए हैं कि मोबाइल नंबर व आधार नंबर नहीं बताने वाले किसानों को पर्ची नहीं दी जाएगी। अभी भी भारी संख्या में किसानों द्वारा अपने मोबाइल व आधार नंबर नहीं बताए गए हैं। अब तक पूरे बरेली मंडल में 7916 किसान आधार फीडिंग कराने से बचे हुए हैं। जिसमें बरेली जिले के ही केवल 390 किसान शामिल हैं। वहीं मंडल में 4961 किसानों न अपने बैंक खातों की जानकारी नहीं दी है। साथ ही 4096 किसानों द्वारा मोबाइल नंबर नहीं बताया गया है।

90 प्रतिशत किसानों को किया बकाए का भुगतान
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंडल की चीनी मिलों पर 3948.68 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य देय हुआ। जिसमें से 3552.61 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। लगभग 90 प्रतिशत भुगतान किसानों को हुआ है। मंडल की चीनी मिल फरीदपुर, मीरगंज, सेमीखेड़ा, पीलीभीत, पूरनपुर, बीसलपुर, निगोही, रौजा, तिलहर, पुवायां एवं बदायूं के किसानों का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है।

जिन किसानों को मोबाइल नंबर पर गन्ना पर्ची का एसएमएस नहीं मिल पा रहा है वे अपने फोन से डीएनडी सेवा को पहले डिएक्टिवेट करें व हर समय अपने फोन को ऑन रखें ताकि संदेश प्राप्त हो सके। इसके अलावा जिन किसानों ने अपने मोबाइल नंबरों, खातों, आधार कार्ड की जानकारी नहीं दी है उन्हें पर्ची नहीं दी जाएगीराजीव राय, गन्ना उपायुक्त, बरेली मंडल।

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