हल्द्वानी: ई-संजीवनी पोर्टल का इस्तेमाल करने में कुमाऊं में नैनीताल जनपद अव्वल

हल्द्वानी: ई-संजीवनी पोर्टल का इस्तेमाल करने में कुमाऊं में नैनीताल जनपद अव्वल

हल्द्वानी, अमृत विचार। मरीजों को घर बैठे ही स्वास्थ्य सलाह देने के लिए सरकार ने ई-संजीवनी एप शुरू किया। इसका कुमाऊं में भी लोगों ने बढ़चढ़ कर इस्तेमाल किया है। नैनीताल जनपद इस मामले में पहले नंबर पर है। कोविड काल में मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लेना अब पहले जैसा नहीं रह गया है। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। मरीजों को घर बैठे ही स्वास्थ्य सलाह देने के लिए सरकार ने ई-संजीवनी एप शुरू किया। इसका कुमाऊं में भी लोगों ने बढ़चढ़ कर इस्तेमाल किया है। नैनीताल जनपद इस मामले में पहले नंबर पर है। कोविड काल में मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लेना अब पहले जैसा नहीं रह गया है। खासतौर से कोरोना की दूसरी लहर में अचानक से बढ़ी कोविड मरीजों की संख्या के चलते स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं चरमरा गई। ऐसे में सरकार के ई-संजीवनी एप से कोविड मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है।

इस एप के जरिए लोग घर बैठे ही डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। यह सुविधा सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही है। यह सुविधा कोविड मरीजों के अलावा अन्य मरीजों के लिए भी शुरू की गई थी। अस्पतालों में जगह नहीं होने की वजह से आम मरीज भी अस्प्ताल जाने से कतरा रहे थे। अब वह घर बैठे ही डॉक्टरों से टेलीफोन के जरिए सलाह ले रहे हैं। कुमाऊं में भी संजीवनी एप का जमकर इस्तेमाल किया गया है। इस मामले में नैनीताल जनपद पहले नंबर पर है। यहां पर अभी तक इस एप के माध्यम से 13384 लोग फायदा उठा चुके हैं। दूसरे नंबर पर यूएसनगर जनपद के 10057 लोग ई संजीवनी एप में अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं और डॉक्टरों की सलाह ले चुके हैं।

ऐसे होता है रजिस्ट्रेशन
अगर किसी को इस एप का फायदा उठाना है तो सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर में जाकर इस एप को डाउनलोड करना होगा। एप को खोलने पर यहां पर तीन विकल्प दिखेंगे। पहला मरीज का रजिस्ट्रेशन व टोकन, दूसरा मरीज के रजिस्ट्रेशन व टोकन। दूसरा मरीज का लॉगइन और तीसरा प्रिस्क्रिप्शन का विकल्प होगा। इस एप से रजिस्ट्रेशन व टोकन के बाद मिलने के बाद मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद अपना फार्म भर सकते हैं। जिसमें जरूरी जानकारियां देनी होंगी। ई-संजीवनी दो तरह से टेली मेडिसन कंसल्टेंसी उपलब्ध करवाता है। इसमें एक कंसल्टेंसी एक डॉक्टर की दूसरे डॉक्टर के साथ और दूसरी मरीज और डॉक्टर के साथ होती है।

कुमाऊं में ई-संजीवनी एप का फायदा उठाने वाले लोग
नैनीताल – 13384
यूएसनगर- 10057
पिथौरागढ़- 5119
बागेश्वर- 4786
अल्मोड़ा- 4541
चंपावत- 4328