लखीमपुर खीरी: सीएचसी मोहम्मदी के स्टोर रूम में लगी भीषण आग, लाखों का हुआ नुकसान

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: सीएचसी मोहम्मदी के स्टोर रूम में बुधवार दोपहर अचानक लग गई। कमरे से धुंआ उठता देख अफरा तफरा मच गई। पहले तो अस्पताल कर्मियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता न मिलने पर अग्निशमन कर्मियों को सूचना दी।
गोला और मोहम्मदी से पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। तब जाकर सीएचसी प्रशासन ने राहत की सांस ली। आग किससे लगी इसका पता नहीं लग सका है। हालांकि आग लगने से तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सीएचसी के पुराने हाल का उपयोग स्टोर रूम के रूप में हो रहा है। इसमें दवाइयों से लेकर अन्य विभागीय फाइलें आदि रखी जाती हैं। बुधवार दोपहर अचानक हाल से धुआं निकलता देखकर लोग दहशत में आ गए। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब आग ने विकराल रूप ले लिया।
सीएचसी अधीक्षक की मौजूदगी में अस्पताल कर्मियों ने अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। उधर, आग भड़कती देखकर लोगों ने सूचना फायर ब्रिगेड के दीवान लख्मीचंद्र को दी। टीम के साथ मौके पर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने गोला से गाड़ी व टीम बुलाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
तब जाकर कहीं लपटें शांत हुईं। आग की लपटों को देखकर दहशत में आए सीएचसी के कर्मचारी पानी का मोटर तक नहीं चला सके। इस पर दमकल कर्मियों को नगर पालिका परिषद से टैंक मंगवाना पड़ा। वहीं आम जनता और पड़ोसी व्यापारियों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। सभी के प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया।
संसाधनों का उपयोग न कर पाने से विकराल हुई स्थिति
सीएचसी में आग बुझाने के संसाधन हैं, लेकिन जब कर्मचारियों ने चालू करने की कोशिश की तो चले ही नहीं। पानी का भी अभाव था, जिससे देखते ही देखते आग भड़क गई। यदि अग्निशमन संयत्र काम आ जाते तो यह नौबत नहीं आती। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जब तक अग्निशमन दस्ता पहुंचा, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी।
आग किस वजह से लगी है, इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल इसका कारण शार्ट सर्किट हो सकता है। हाल में दवाइयों के अलावा फर्नीचर, अभिलेख एवं लॉजिस्टिक सामान रखा था। संबंधित लोगों से हाल में मौजद स्टॉक की डिटेल मांगी है, जिससे नुकसान की क्षति का आंकलन हो सके-डॉ. मयंक मिश्रा, अधीक्षक सीएचसी मोहम्मदी।
आग लगने की सूचना मिलने पर टीम के साथ मौके पर पहुंच गया था। इसके अलावा गोला से टीम बुलावा ली थी। सीएचसी पर अग्निशमन उपकरण थे, लेकिन सही तरीके से उनका उपयोग न कर पाने के कारण कर्मचारी आग पर काबू नहीं पा सके। कमरे में इनवर्टर रखा होना बताया गया था- लख्मीचंद्र दीवान, अग्निशमन कार्यालय मोहम्मदी
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