कन्नौज जेल में दुष्कर्म के मामले में बंद नवाब की जमानत अर्जी खारिज, अब हाईकोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा...

कन्नौज, अमृत विचार। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट नंद कुमार ने रेप के आरोप में जेल में बंद पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव की ओर से गैंगस्टर मामले में जमानत के लिये दाखिल की गयी अर्जी खारिज कर दी। इससे पहले पूर्व ब्लाक प्रमुख के अधिवक्ताओं ने पहले दाखिल की गयी जमानत अर्जी वापस ले ली थी।
5 मार्च को दूसरी अर्जी दाखिल की गयी थी, जिस पर सुनवाई करते हुये न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। अब पूर्व ब्लाक प्रमुख की जमानत के लिये उनके वकीलों को उच्च न्यायालय की शरण लेनी होगी।
एक नाबालिग से रेप के मामले में पूर्व ब्लाक प्रमुख जेल में हैं। उनको पाक्सो एक्ट में जमानत मिल चुकी है, लेकिन गैंगस्टर एक्ट में जमानत पर सुनवाई की लिये एक फरवरी की तारीख नियत की गयी थी। इस दिन पूर्व ब्लाक प्रमुख के अधिवक्ताओं ने कुछ कागजात पूरे न हो पाने का हवाला देते हुये न्यायाधीश से कुछ और समय दिये जाने की मांग की थी।
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने पूर्व ब्लाक प्रमुख के वकीलों को अंतिम अवसर देते हुये तीन फरवरी की तारीख नियत कर दी थी। तीन फरवरी को पूर्व ब्लाक प्रमुख की ओर से विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत में जमानत के लिये दाखिल की गयी अर्जी वापस ले ली गयी। उनके अधिवक्ताओं ने भी जमानत को लेकर कोई बहस नहीं की थी। बुधवार को उनके अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव व आसिव चतुर्वेदी ने नयी याचिका दाखिल की।
जिस पर सुनवायी के लिये 6 फरवरी की तारीख नियत की गयी। गुरुवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी। शासकीय अधिवक्ता सुधीर पांडे ने बताया कि पूर्व ब्लाक प्रमुख के आपराधिक इतिहास व किये गये कृत्य को देखते हुये न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
उधर, जमानत को लेकर उनके समर्थकों के बीच फैसला जानने की उत्सुक्ता बढ़ने लगी। जैसे ही उन्हें जमानत अर्जी खारिज होने की जानकारी हुयी तो पूर्व ब्लाक प्रमुख के समर्थकों में निराशा फैल गयी। उन्हें उम्मीद थी कि दूसरी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पूर्व ब्लाक प्रमुख को जमानत मिल जायेगी।