देहरादून: श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में 'प्रोजेक्ट यूपीएससी' की शुरुआत, छात्रों को मिलेगी निशुल्क सिविल सेवा परीक्षा तैयारी का मौका

देहरादून: श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में 'प्रोजेक्ट यूपीएससी' की शुरुआत, छात्रों को मिलेगी निशुल्क सिविल सेवा परीक्षा तैयारी का मौका

देहरादून, अमृत विचार। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों के लिए एक अहम पहल शुरू की है। विश्वविद्यालय ने 'प्रोजेक्ट यूपीएससी'का शुभारंभ किया है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी। इस पहल के अंतर्गत छात्रों को निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी, जिससे वे घर बैठे यूपीएससी की कठिन परीक्षा के लिए तैयारी कर सकेंगे।

सुपर-39 के तहत चयनित छात्रों को मिलेगा फायदा  
प्रोजेक्ट यूपीएससी के पहले चरण में सुपर-39 के लिए चयनित छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय में होने वाली कक्षाएं सप्ताह में शनिवार और रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएंगी। यह कक्षाएं पूरी तरह से निशुल्क होंगी और छात्रों को अनुभवी शिक्षकों और सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, और पीसीएस अधिकारियों द्वारा पढ़ाया जाएगा।  

पावन चिंतन धारा आश्रम का सहयोग
इस पहल की शुरुआत में **पावन चिंतन धारा आश्रम** नामक संस्था ने राज्यभर में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को निशुल्क कोचिंग देने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद, उत्तराखंड के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों - पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, और दून विश्वविद्यालय का चयन इस प्रोजेक्ट के लिए किया गया है।

कुलपति प्रो. एनके जोशी का बयान
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा, "हमारे विश्वविद्यालय ने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को एक प्लेटफॉर्म देने का निर्णय लिया है। इस प्रोजेक्ट से छात्रों को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग मिल सकेगी, जिससे वे सिविल सेवा में सफलता प्राप्त कर सकेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने सभी संबद्ध कॉलेजों को इस योजना से जुड़ने के लिए पत्र भेजे हैं।

कैसे करें पंजीकरण?
इस प्रोजेक्ट में भाग लेने के लिए इच्छुक छात्र upsc@ashrampcd.com पर संपर्क कर सकते हैं या 8882918694 पर कॉल करके पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद, एक प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से छात्रों का चयन किया जाएगा।

निशुल्क परामर्श और कक्षाएं 
प्रोजेक्ट यूपीएससी के तहत, छात्रों के लिए परामर्श सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें उन्हें उनकी शंकाओं का समाधान दिया जाएगा। इसके अलावा, अनुभवी शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की कोचिंग दी जाएगी।

समाज के कमजोर वर्ग को मिलेगा लाभ
प्रोजेक्ट यूपीएससी का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को सहायता प्रदान करना है, जो आर्थिक कारणों से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग नहीं ले सकते। यह पहल उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है, जो प्रशासनिक सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक बाधाएं उनकी राह में रुकावट डालती हैं। 

सभी कॉलेजों को जुड़ने की अपील
विवि के प्रोजेक्ट यूपीएससी के निदेशक प्रो. डीकेपी चौधरी ने बताया कि इस योजना में अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि इस पहल से राज्य के छात्रों को यूपीएससी की तैयारी में एक बड़ा अवसर मिलेगा।

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