कासगंज: तापमान मे गिरावट के बाद भी नहीं झुलसा देने वाली गर्मी से राहत, बाजारों में पसर रहा सन्नाटा
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कासगंज,अमृत विचार: बुधवार को तापमान में आई मामूली गिरावट के बावजूद भी झुलसा देने वाली गर्मी से राहत नहीं मिली। आम-जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। गर्मी से कारोबार भी प्रभावित रहे। बाजारों में दोपहर को सन्नाटा पसरा रहा तो सुबह शाम रौनक दिखाई दी। बाजार देर रात तक खुले रहे। तापमान अधिकतम 46 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम 36 डिग्री सेल्सियस रहा।
गर्मी और लू ने लोगों को घरों में कैद करके रख दिया है। जबकि मंगलवार के सापेक्ष बुधवार को तापमान में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट रही, लेकिन इसके बावजूद भी सूरज की तपन और झुलसा देने वाली गर्मी से राहत महसूस नहीं की गई।
सुबह से ही तेज गर्मी पड़ रही थी तो दोपहर तक चरम पर जा पहुंची। सुबह जो खरीददार बाजारों में दिखाई दे रहे थे वह भी घरों की ओर कूच कर गए और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। शहर ही नहीं कस्बा, देहात में भी गर्मी ने लोगों को जीना दुश्वार कर दिया है।
वाहन चालकों की भी सामत आयी है। दो पहिया वाहन चालक लू के थेपड़ों के चलते वाहन चलाने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। दोपहर में तो सकुलर रोड, कासगंज बरेली मार्ग और कासगंज-मथुरा मार्गो पर वाहन दौड़ते नजर नहीं आते हैं।
बाजारों में नही है कूलर, कीमत आसमान पर
इस वर्ष बेताशा गर्मी ने कूलरों की मांग इस तरह बढ़ा दी कि मई माह के अंत आते आते बाजारों में कूलर की उपलब्ध न के बराबर रह गयी है। निर्माताओं के यहां भी स्टॉक नहीं है।
कूलरों की कीमतें भी लगभग 25 फीसद बढ़ गई है। कूलर विक्रेता सनोज माहेश्वरी का कहना है कि इस वर्ष कूलरों की इस किदर मांग निकली है जो बीती पांच वर्षों में नहीं निकली। पुरान स्टॉक भी खत्म हो गया है। मांग निरंतर बनी हुई।
ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
भीषण गर्मी में ठंड से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं। शहर में सैकड़ों स्थानों पर गन्ने के जूस, फलों के जूस, कोल्ड्रिंक, ठंडाई, बर्फ की अस्थाई दुकानें लगी है।
जिनम पर लोग इनका सेवन करते नजर आते हैं। ठंडे पेय पदार्थों की मांग में निरंतर इजाफा हो रहा है। नारियल पानी की कीमतें भी आसमान पर पहुंच गई है। बीते माह 40 से 50 रूपये बिक रहा नारियल अब 80 रूपये तक जा पहुंचा है।
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