रामपुर: मानवाधिकार आयोग पहुंचा सिलई बड़ा गांव का मामला, एसपी को दिए गए जांच के आदेश

मिलक, अमृत विचार। मिलक के सिलईबड़ा गांव में फायरिंग के दौरान हुई छात्र की मौत के मामले का मानवाधिकार ने संज्ञान लिया है। पुलिस अधीक्षक को जारी आदेश में शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
सिलईबड़ा गांव में बवाल के दौरान छात्र की गोली लगने से मौत हो गई थी इसके बाद मामला काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा था। जांच के बाद मुमकिन है कि खुलासा हो जाए कि छात्र की मौत किसकी गोली लगने से हुई थी। छात्र की मौत के बाद से उसके परिजन सदमे में हैं।
बता दें कि 27 फरवरी को क्षेत्र के सिलईबड़ा गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लगे हुए बोर्ड को हटवाने के दौरान गांव बवाल हो गया था। दलित समाज के लोग अपनी बस्ती में स्थित ग्राम समाज की जमीन पर भीमराव आंबेडकर के नाम से पार्क बनाकर उनकी मूर्ति स्थापित कराना चाहते थे,लेकिन गांव के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए विरोध किया था। पुलिस व जिले के उच्च अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी।
शिकायत के बाद एसडीएम अमन देओल पुलिस बल के साथ डॉ. आंबेडकर के नाम का लगा बोर्ड हटाने पहुंचे थे। इस दौरान वहां बोर्ड लगाने वाले जाटव समाज के लोगों ने बोर्ड हटाने का शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया था। जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज और फायरिंग की थी। इस दौरान फायरिंग में सोमेश नाम के एक दलित छात्र की गोली लगने से मौत हो गई थी जबकि, दो युवक घायल हो गए थे।
मृतक छात्र के परिजनों ने डा. भीमराव आंबेडकर नाम के लगे बोर्ड वाले स्थान पर शव रखकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि युवक की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है। पुलिसकर्मी ने बहुत ही पास से मृतक के सिर में गोली मारी है । जब इस मामले को लेकर गांव के लोग विरोध प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए तब पुलिस ने आनन फानन में 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
उसके बाद उनकी मांगे पूरी न होने पर शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। प्रशासन द्वारा लिखित रूप में मांगे माने जाने के बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ था। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने पर परिजनों ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया था।
मामले की गम्भीरता को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ.गजेंद्र सिंह यादव ने मानवाधिकार आयोग में मामला दर्ज कराया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने घटना की जांच का आदेश दिया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर 24 मई 2024 तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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