मुरादाबाद : पौधरोपण कर भूलने वाले देख लें, दम तोड़ गए 30 प्रतिशत पौधे
लापरवाही: सूखे पौधों के स्थान पर नहीं लगाए गए नए पौधे, वर्ष 2022 में जिले में कई संस्थाओं के सहयोग से लगाए गए 3,77,068

अटल पथ पर लगे पौधे सूखने लगे।
मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडल में पौधों से पर्यावरण संरक्षण की सरकारी मुहिम की सफलता के दिन दूर दिख रहे हैं। पौधे रोपकर अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक कार्य का ढिढोरा पीटने वालों को आदना दिखाने वाली तस्वीर यहां सामने है। यहां विश्व पर्यावरण दिवस (पांच जून) से शुरू हुए पौधरोपण की चर्चा मौजू है। वन विभाग व अन्य संस्थाओं ने पौधरोपण में कोशिश दिखाई। लेकिन, पौधों की उचित देखभाल नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि 30 फीसदी पौधे दम तोड़ गए।
खास बात है कि सूखे पौधों के स्थान पर नए पौधे भी नहीं लगाए गए। वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार पांच जून को पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके तहत पहले दिन विभाग की ओर से मुरादाबाद में सिर्फ 22, संभल में 146, रामपुर में 51, अमरोहा में 36, बिजनौर में 83 और नजीबाबाद क्षेत्र में 55 पौधों का रोपण किया गया। वन परिक्षेत्र में कुल 388 पौधे लगाए गए। इसके बाद इनका ठीक से रख-रखाव नहीं किया गया। इसके चलते तमाम पौधे दम तोड़ गए। खाद-पानी और निराई-गुड़ाई समय पर नहीं हुई।
सूखे पौधों के स्थान पर नए भी नहीं लगाए गए। इसके अलावा अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी पौधरोपण में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था, मगर उनके द्वारा लगाए गए पौधों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। महानगर में जामा मस्जिद पुल के पास, जिलाधिकारी आवास के बाहर, रेलवे माल गोदाम तथा कांठ रोड पर दोनों ओर पेड़ लगाए गए थे। चूंकि यह वीआईपी रोड है। सभी अधिकारियों के यहां आवास हैं। इसलिए यहां लगे पौधों की देखभाल में कोई कोताही नहीं बरती गई। समय पर खाद-पानी और निराई गुड़ाई हुई। इसके बाद भी यहां करीब 10 फीसदी पौधे सूख गए।
नए पौधे यहां भी नहीं लगाए गए। रेंजर ग्रीश चंद्र श्रीवास्तव शत-प्रतिशत पौधों के जीवित होने का दावा कर रहे हैं। जबकि, विभाग का कहना है कि 2022-23 में करीब 81 प्रतिशत पौधे ही जीवित बचे हैं। शेष 19 प्रतिशत देख-रेख के अभाव में सूख गए। रेंजर ने बताया कि अमूमन एक हेक्टेयर में 35 हजार पौधे लगाने का नियम है। मगर इसके अलावा जमीन के हिसाब से कहीं डेढ़ तो कहीं दो मीटर पर भी पौधे लगाए जाते हैं।
पेड़ों का सर्वे कराया जा रहा है। जिले में करीब 19 फीसदी पौधे सूख गए। पौधों की अच्छी तरह से देखभाल की गई थी। कितनी ही देखभाल की जाए, मगर कुछ पेड़ तो सूख ही जाते हैं। सूखे पौधों के स्थान पर नए रोपित करा दिए हैं।-सूरज, डीएफओ
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