Chitrakoot News : हड्डी के आपरेशन को लेकर दी गलत जानकारी, सपा विधायक की शिकायत के बाद सीएमएस परेशान
Chitrakoot News चित्रकूट में सपा विधायक की शिकायत के बाद सीएमएस परेशान।
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Chitrakoot News चित्रकूट में हड्डी के आपरेशन को लेकर गलत जानकारी दी। सपा विधायक की शिकायत के बाद सीएमएस परेशान।
चित्रकूट, अमृत विचार। सदर विधायक अनिल प्रधान की जिस शिकायत पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक सुधीर शर्मा के खिलाफ राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जांच की जा रही है, वह उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान की थी। शिकायत पर प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने के बाद अब इस पूरे मामले की जांच निदेशक परिवार कल्याण उप्र लखनऊ को सौंपी गई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा ने 29 दिसंबर को आदेश जारी किया था।
जिला अस्पताल में इस पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। साथ ही इस पर भी बातें की जा रही हैं कि जनप्रतिनिधि, चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, उसका प्रोटोकाल होता है और उसका पालन करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी और कर्तव्य होता है। गौरतलब है कि सपा से सदर विधायक अनिल प्रधान ने बीते साल विधानसभा सत्र के दौरान संयुक्त जिला अस्पताल समेत जिले में बदहाल चिकित्सा व्यवस्था का मुद्दा उठाया था।
इसमें जिला अस्पताल में हड्डी का आपरेशन न होने की जानकारी दी गई थी। विधायक ने बताया कि इस पर 12 जुलाई को उनको रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें संयुक्त जिला अस्पताल में हड्डी का आपरेशन किए जाने की बात कही गई। विधायक के अनुसार, इस पर उन्होंने जिला अस्पताल में सीएमएस को फोन करके इस संबंध में पूछा।
विधायक का आरोप है कि इस पर सीएमएस डा. सुधीर शर्मा भड़क गए और बोले कि मेरे आने के पहले आप लोगों ने कुछ किया नहीं है। मेरे आने के बाद आपरेशन होने लगा है। विधायक का कहना है कि इसके बाद उन्होंने तमाम आपत्तिजनक बातें कहीं। जब उन्होंने सीएमएस से इस बात की जानकारी चाही कि अब तक कितने आपरेशन हुए हैं तो सीएमएस ने सूचना अधिकार के तहत सूचना मांगने की बात कही।
बोले, आप जैसे विधायक बहुत हैं
विधायक ने शिकायत में इस बात का भी जिक्र किया है कि सीएमएस ने कहा कि आप जैसे विधायक बहुत हैं, मेरे घर में आ जाओ, जो करना हो कर लेना। विधायक के अनुसार, इस तरह की अमर्यादित भाषा से उनको आत्मग्लानि महसूस हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जिला अस्पताल में अंगुली टूटने जैसे छोटे आपरेशन होते हैं। हाथ या पैर टूटने के आपरेशन आज भी नहीं होते हैं। इन्होंने गलत सूचना विधानसभा में भेजी है।
विधानसभा में शिकायत के बाद हुई जांच
उधर, इस संबंध में विधानसभा से आए निर्देश के बाद पहले अपर निदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण बांदा डा. वीपी द्विवेदी ने जांच की थी और सीएमएस को प्रोटोकाल नियमों का उल्लंघन करने, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने और शासकीय कर्तव्यों व पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद मामले की जांच निदेशक परिवार कल्याण उप्र लखनऊ को सौंपी गई है। इनसे एक माह में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
विधायक ने जताया आभार
उधर, सपा विधायक ने इस संबंध में कहा कि वह राज्यपाल के आभारी हैं कि उनकी बात सुनी गई। उन्होंने बताया कि सीएमएस ने तो उनसे कहा था कि उनके घर में भी विधायक हैं...। उन्होंने कहा कि उनसे पहले हलफनामा नहीं मांगा गया था। अब वह हलफनामा देंगे। उन्होंने कहा कि आशा है कि न्याय मिलेगा।