घोटाला : स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों की खरीद में हुआ है बड़ा गोलमाल

घोटाला : स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों की खरीद में हुआ है बड़ा गोलमाल

अमृत विचार, अयोध्या। स्वास्थ्य विभाग में उपकरण खरीद घोटाले के मामले में जिम्मेदार अधिकारी ने बड़े करीने से हाथ की सफाई दिखाई। कम्प्यूटर, लैपटॉप खरीद में अनियमितता की ही गई, 85 उपकेंद्रों के लिए फ्रिज खरीद में भी सरकारी राजस्व को लाखों का चूना लगाया। जो फ्रिज आठ लाख में खरीदे जा सकते थे उनकी …

अमृत विचार, अयोध्या। स्वास्थ्य विभाग में उपकरण खरीद घोटाले के मामले में जिम्मेदार अधिकारी ने बड़े करीने से हाथ की सफाई दिखाई। कम्प्यूटर, लैपटॉप खरीद में अनियमितता की ही गई, 85 उपकेंद्रों के लिए फ्रिज खरीद में भी सरकारी राजस्व को लाखों का चूना लगाया।

जो फ्रिज आठ लाख में खरीदे जा सकते थे उनकी खरीद में 11 लाख 90 हजार रुपये उड़ा दिए गए। यह सब खेल चहेती कम्पनियों को बेजा लाभ और मोटे कमीशन के लिए किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वित्त नियंत्रक को भेजी गई रिपोर्ट में सीएमओ आफिस के वित्त एवं लेखाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर गंभीर वित्तीय अनियमितता करार दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जेम ब्रांड के 180 लीटर क्षमता वाले फ्रिज के बाजार भाव देखे गए तो पाया गया कि जो फ्रिज नौ से 11 हजार में खरीदे जा सकते थे उनको 14 हज़ार रुपये में क्रय किया गया। खरीदे गए 85 फ्रिज की प्रति फ्रिज बाजार एवं वास्तविक दर से कहीं अधिक है। ऐसे में यह गंभीर वित्तीय अनियमितता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी तरह अन्य वस्तुओं को भी मनमाने ढंग से बिना किसी मानक के खरीदा गया।

यही नहीं बिना नमूने लिए ब्लाकों के उपकेंद्रों को भेज दी गईं। रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि सारी खरीद एसीएमओ आरसीएच द्वारा स्वयं अकेले कर ली गई जो न सिर्फ नियमों के विरुद्ध बल्कि पूरी क्रय प्रक्रिया को ही संदेहास्पद बनाती हैं। वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में सभी खरीदों में सिलसिलेवार गड़बड़ी, नियमों के उल्लंघन और भारी अनियमितता की बात कही गई है।

14 जुलाई को भेजी गई इस रिपोर्ट में साफ तौर पर बिंदुवार बरती गई अनियमितता का उल्लेख किया गया है। यहां तक कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में पांच लाख और उससे ऊपर हुई खरीद की विशेष आडिट स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय के आडीटर द्वारा जांच कराई जाए।

आधी रात को खोली गई थी बिड

स्वास्थ्य विभाग के जो जिम्मेदार उपकरणों की खरीद में अलग तरह के तर्क दे रहे हैं उनके सामने रात को बिड खोले जाने का कोई जवाब नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार खरीद के लिए तीन बिड नियमानुसार कार्यालय समय पर अनुमोदित समिति के बजाए दीपोत्सव रात करीब 11 बजे खोली गई। बिड अवलोकन में पाया गया कि क्रय सामाग्री का बीओक्यू में कोई मानक निर्धारित नहीं किया गया था। बिना मानक के खरीद संदेहास्पद है।

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