लखनऊ: एसजीपीजीआई प्रशासन के साथ हुई बातचीत रही बेनतीजा, कल से काला फीता बांध विरोध दर्ज कराएंगी नर्सें

लखनऊ: एसजीपीजीआई प्रशासन के साथ हुई बातचीत रही बेनतीजा, कल से काला फीता बांध विरोध दर्ज कराएंगी नर्सें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन तथा एसजीपीजीआई प्रशासन के अधिकारियों के साथ आज नर्सों की हुयी बैठक बेनतीजा रही है। यह बैठक नर्सों की मांगों को लेकर हुई है। नर्सों ने मांगे न पूरी होने पर पहले ही आन्दोलन की चेतवानी शासन व प्रशासन को दे रखी थी। कल से पीजीआई की नर्सें नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन तथा एसजीपीजीआई प्रशासन के अधिकारियों के साथ आज नर्सों की हुयी बैठक बेनतीजा रही है। यह बैठक नर्सों की मांगों को लेकर हुई है। नर्सों ने मांगे न पूरी होने पर पहले ही आन्दोलन की चेतवानी शासन व प्रशासन को दे रखी थी। कल से पीजीआई की नर्सें नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तलें अपने आन्दोलन की शुरूआत करेंगी।

बताया जा रहा कि कल यानी मंगलवार को नर्सें काला फीता बांधकर कार्य करेंगी और विरोध जतायेंगी। दरअसल कैडर पुनर्गठन समेत अन्य मांगों को लेकर नर्सें लंबे समय से संघर्षरत है, शासन व प्रशासन की तरफ से आश्वासन भी मिला, लेकिन उनकी मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। जिसके चलते नर्सों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।

बीते दिनों मांगों को पूरा करने के लिए नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन द्वारा एसजीपीजीआई के निदेशक को पत्र लिख कर सात दिन में कैडर पुनर्गठन,संवर्ग के नये पदनाम को जल्द से जल्द लागू करना,खाली पडे पदों पर भर्ती करना समेत अन्य मांगों को पूरा करने की अपील की गयी थी। उसी के चलते आज पीएनएम की बैठक हुयी। जिसमें शासन की तरफ से अपर निदेशक,एसजीपीजीआई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त निदेशक प्रशासन, कार्यपालक कुल सचिव, वित्त अधिकारी शामिल रहे।

वहीं नर्सों की मांग रखने के लिए एसजीपीजीआई नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला, नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन के महामंत्री सुजान सिंह बैठक में शामिल हुये। बताया जा रहा है कि लंबी वार्ता के बाद अधिकारियों ने मांगों को पूरा करने के लिए समय मांगा,लेकिन नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की तरफ से साफ तौर पर समय देने से मना कर दिया गया।

नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने बताया है कि सालों से हमलोग अपनी मांग के लिए संघर्ष कर रहे हैं,लेकिन अभी तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया है,पिछली बार मरीज हित में आन्दोलन वापस लिया गया था, उस समय भी मांगों को पूरा करने के लिए शासन व पीजीआई प्रशासन की तरफ से समय मांगा गया था, उन्होंने आरोप लगाया गया है कि हमारी मांगों को जानबूझ कर लटकाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमने अभी हाल ही में एसजीपीजीआई प्रशासन को पत्र लिख कर सात दिनों में नर्सों की मांगों पर फैसला लेने की अपील की गयी थी, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुयी तो अब आन्दोलन करने पर हम विवश हैं। उन्होंने बताया कि कल सात जून से काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज करायेंगे। उसके बाद भी मांगे नहीं मानी गयी तो आमसभा कर आगे का निर्णय लिया जायेगा।

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