रामपुर: कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी कर परिजनों को सौंपा संक्रमित का शव

रामपुर: कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी कर परिजनों को सौंपा संक्रमित का शव

रामपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। एक महीने के भीतर डेढ़ हजार से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं। अस्पताल में भर्ती एक 65 वर्षीय संक्रमित की मौत हो गई। लेकिन जिला अस्पताल में जिम्मेदार अफसरों ने संक्रमित के शव का दफन कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक कराने के बजाए …

रामपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। एक महीने के भीतर डेढ़ हजार से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं। अस्पताल में भर्ती एक 65 वर्षीय संक्रमित की मौत हो गई। लेकिन जिला अस्पताल में जिम्मेदार अफसरों ने संक्रमित के शव का दफन कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक कराने के बजाए सीधे परिजनों को सौंपकर पूरे परिवार को खतरे में डाल दिया है। परिजनों ने खुद दी शव का दफन किया। जिला अस्पताल से न नगर पालिका को सूचना दी गई न कोतवाली पुलिस को मौत का कोई मेमो भेजा गया। कोरोना की तीसरी लहर में एक मौत होने से लोगों में दहशत बढ़ गई है।

बता दें कि शहर के कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले शराफत खां (65) को 16 जनवरी को कोरोना संक्रमित बताकर जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। इन्हें दिल की बीमारी भी थी। गुरुवार को शराफत की मौत हो गई। उनकी रिपोर्ट तब तक निगेटिव नहीं आई थी। संक्रमण की तीसरी लहर में शराफत की पहली मौत है। ऐसे में कोरोना से मौत की खबर फैलते ही अस्पताल में भर्ती मरीजों में दहशत फैल गई। जिला अस्पताल के जिम्मेदार डाक्टरों ने शव का बजाए कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक दफन कराने के शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव लेकर चले गए और शहर के एक कब्रिस्तान में दफन कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक नियमानुसार नगर पालिका को सूचना भेजी जानी चाहिए वो भी नहीं भेजी गई। कोरोना से मौत का मेमो कोतवाली को भेजा जाता है, वो भी नहीं भेजा गया। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौर में मृतक के परिजन और जो भी दफन के दौरान मौजूद रहे होंगे, सब संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चुप हैं और एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर खुद को बचा रहे हैं।

वर्जन– सौलह जनवरी को जिला अस्पताल के एल टू हास्पिटल में भर्ती हुए कोरोना संक्रमित की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उसे नियमानुसार किट में लपेटकर परिजनों को सौंपा गया था।  —डा. एचके मित्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल

कोतवाली क्षेत्र में कोरोना संक्रमित की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है, मेमो के जरिए अगर सूचना मिलती तो कोविड के प्रोटोकाल के तहत प्रक्रिया की जाती। हमें बताया ही नहीं गया। –किशन अवतार, शहर कोतवाल

पालिका की अलग अलग टीम द्वारा सेनिटाइजेशन कराया जा रहा है। कोविड से मौत होने की हमें जिला अस्पताल से कोई जानकारी नहीं दी गई। नियमानुसार सूचना दी जानी चाहिए। –डा.विवेकानंद गंगवार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद