बरेली: बशीर मियां के कुल की रस्म के दौरान उमड़े अकीदतमंद

बरेली, अमृत विचार। रविवार को गुलाबनगर स्थित बशीर मियां की दरगाह पर दो दिवसीय उर्स का समापन कुल की रस्म के साथ हो गया। शाम 4 बजकर 30 मिनट पर कुल की रस्म अदा की गई। जिसमें भारी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। गुलाबनगर में सड़क से लेकर खानकाह तक अकीदतमंदों का हुजूम नजर …
बरेली, अमृत विचार। रविवार को गुलाबनगर स्थित बशीर मियां की दरगाह पर दो दिवसीय उर्स का समापन कुल की रस्म के साथ हो गया। शाम 4 बजकर 30 मिनट पर कुल की रस्म अदा की गई। जिसमें भारी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। गुलाबनगर में सड़क से लेकर खानकाह तक अकीदतमंदों का हुजूम नजर आया। कुल के दौरान लोग हाथ उठाकर अपने मन की मुरादें मांगते नजर आए।
मीडिया प्रभारी अहमद उल्ला वारसी ने बताया कि मौलाना मुकीम मियां ने नातों मंकबत का नजराना पेश किया और बशीर मियां की जिंदगी पर रोशनी डाली। सचिव मुन्ने भाई ने सभी से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कहा। डा. शकील मियां ने बताया कि यहां सभी धर्मों के लोग आते हैं, और अपनी अपनी मुरादें लेकर फैज हासिल करते हैं। उन्होनें बताया कि सुबह से ही लंगर का माकूल इंतजाम रहा जो कि शनिवार और रविवार तक जायरीन के लिए चलता रहा।
जावेद बशीरी ने बताया कि साल भर बाहर से आये जायरिन बशीर मियां के गुस्ल के पानी का इंतजार करते हैं। मियां हुजूर के फैज और करम से सभी बीमारियों मे शिफा मिलती है। इस दौरान कलीम मियां, राजू बशीरी, ताजीम मियां, फहीम बशीरी, शरीक बशीरी, सलमान बशीरी, अबरार इसरार, आबिद नियाजी, दानिश हुसैन, कासिम बशीरी, अतहर हुसैन वारसी, शकील बशीरी आदि मौजूद रहे।