चित्रकूट : चुनाव के मद्देनजर चहेतों को बांटी जा रही है मनचाही खाद

अमृत विचार, चित्रकूट। खाद को लेकर किसानों की मारामारी खत्म नहीं हो रही। पहाड़ी दक्षिणी कृषक सेवा सहकारी समिति में तो सचिव पर किसानों ने आरोप लगा दिया कि वह आगामी चुनाव में लाभ लेने के लिए अपने चहेतों को दस-दस बोरी खाद उपलब्ध करा रहा है और पात्र किसान खाद होते हुए भी बैरंग …
अमृत विचार, चित्रकूट। खाद को लेकर किसानों की मारामारी खत्म नहीं हो रही। पहाड़ी दक्षिणी कृषक सेवा सहकारी समिति में तो सचिव पर किसानों ने आरोप लगा दिया कि वह आगामी चुनाव में लाभ लेने के लिए अपने चहेतों को दस-दस बोरी खाद उपलब्ध करा रहा है और पात्र किसान खाद होते हुए भी बैरंग वापस जाने को विवश हैं। ज्यादा बोरी दिए जाने की बात जब जिला कृषि अधिकारी आरके शुक्ला तक पहुंची तो उन्होंने मामले की जांच एआर को दी है।
गौरतलब है कि जिले में जहां प्रशासन खाद की पर्याप्त उपलब्धता के दावे कर रहा है, वहीं समितियों में मारामारी की स्थिति है। इसकी एक वजह यह भी है कि समितियों के जिम्मेदार सोसाइटी के चुनाव के मद्देनजर अपने चहेतों को खाद उपलब्ध कराने में जुटे हैं। बीते दिन पहाड़ी में यही आलम था। यहां वे किसान, जिनकी कहीं कोई पहुंच नहीं थी वे तो मायूस थे और जिनकी सोसाइटी में पहचान थी, वे आराम से ट्रैक्टरों में खाद की बोरियां लदाकर जा रहे थे।
जब इस संबंध में सचिव फूलचंद्र से बात की गई तो उन्होंने पहले तो इंकार किया पर जब जो लोग दस बोरियां लेकर जा रहे थे, उनका पता किया गया तो उनके फिंगर प्रिंट सिर्फ पांच-पांच बोरियों के ही लगे थे। गौरतलब है कि इस संबंध में मौखिक निर्देश दिए गए हैं कि छोटे किसानों को एक या दो और बड़े किसानों को फिलहाल दो या तीन बोरी खाद ही दी जाए। इटौरा के किसान आशादीन, पथरा के भूपत व अभिमन्यु आदि तमाम किसानों ने आरोप लगाया कि सिर्फ अपने लोगों को ही सोसाइटी के लोग खाद दे रहे हैं।
उप कृषि निदेशक ने मामले का लिया संज्ञान
जब इस अफरातफरी के संबंध में उप कृषि निदेशक राजकुमार से बात की गई तो उन्होंने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और सचिव को फटकार लगाई। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खाद के संबंध में अनियमितता की जांच की जिम्मेदारी एआर को दी गई है।
नोडल अधिकारी बोले, मेरी मर्जी
खाद बंटवाने के लिए नोडल अधिकारी को मौके पर भेजा गया था। बताया जाता है कि यह भी कुछ देर फर्जअदायगी करने के बाद लौट गए। जब उनसे पूछा गया कि कोई दस बोरी खाद ले जा रहा है, किसी को बिल्कुल नहीं मिल रही तो उनका जवाब था, मेरी मर्जी। बुधवार को तो खाद न होने से समिति में सन्नाटा था।
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