बरेली: पूर्व अफसर नहीं हटा पाए नाले से अतिक्रमण, अब नगर आयुक्त पर जिम्मेदारी

बरेली, अमृत विचार। चौड़ा नाला शुरुआत और अंत में अपनी वास्तविक स्थिति में है, लेकिन बीच में नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। मार्केट बना ली। शोरूम को बढ़ाते हुए नाले को पतला कर दिया, लेकिन निर्माण विभाग के एई और जेई से नाले की वास्तविक स्थिति पूछी गई तो उन्होंने फर्जी रिपोर्ट लगाने …
बरेली, अमृत विचार। चौड़ा नाला शुरुआत और अंत में अपनी वास्तविक स्थिति में है, लेकिन बीच में नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। मार्केट बना ली। शोरूम को बढ़ाते हुए नाले को पतला कर दिया, लेकिन निर्माण विभाग के एई और जेई से नाले की वास्तविक स्थिति पूछी गई तो उन्होंने फर्जी रिपोर्ट लगाने में भी गुरेज नहीं की।
नतीजन, 10 फुट चौड़ा नाला पूरे मार्ग में अपनी वास्तविक स्वरूप में नहीं है। कई जगह नाली में तब्दील हो गया है। पूर्व नगर आयुक्त ने नाले का निरीक्षण किया लेकिन वह भी कुछ नहीं कर पाए। शिकायतकर्ता ने मामला नगर विकास मंत्री तक पहुंचा तो शनिवार सुबह अपर नगर आयुक्त ने मौका मुआयना किया। शिकायतकर्ता ने नगर आयुक्त से मिलकर भी अपनी बात रखी है। नगर आयुक्त ने सभी दस्तावेज देख मामले का निपटारा करने का आश्वासन दिया है।
शिकायतकर्ता जयप्रकाश राजपूत ने बताया कि सिकलापुर वार्ड 64 में नाले की जमीन पर यह खेल हुआ है। नरकुलागंज वार्ड में आने वाले जाटवपुरा के पास इस नाले की वास्तविक चौड़ाई लगभग 10 फुट है और नगर निगम के सामने एलन क्लब के पास भी नाले की चौड़ाई 10 फुट ही है लेकिन वार्ड 60 शहदाना में अहमद अली तालाब के पास से यह नाला पतला होना शुरू हो गया।
रामगोपाल पाठशाला, जूनियर हाई स्कूल साहू गोपीनाथ के पश्चिमी गेट पर नाले पर लगभग 15 दुकानों की मार्केट बन गई। इसके बाद साहूगोपी नाथ के सामने नगर निगम की मार्केट से आगे एक व्यापारी ने नाले को पतला कर दिया और मंदिर की आड़ में दुकानें बना लीं। यहां से नाला दिनेश नर्सिंग होम की तरफ बढ़ा तो रघु की डेयरी तक वही नाला 15 ईंच की नाली में तब्दील हो गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि पूर्व नगर आयुक्त ने शिकायत पर मौके का निरीक्षण किया था, मगर मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह बात उन्होंने नगर विकास मंत्री के पीए से कही है। पूर्व में चर्चित नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने गोयल बुक डिपो के पास नाले पर अतिक्रमण होने पर बुलडोजर चलवाया तो दुकानदार दुकानों में ताले लगाकर भाग गए थे, लेकिन निगम ने फिर से उन्हीं अतिक्रमणकारियों और नाले की जमीन पर कब्जा करने वालों को ही दुकानें दे दीं।
जयप्रकाश का कहना है कि नगर निगम ने बस स्टैंड के पास घर के बाहर शौचालय बनाने वालों के निर्माण तोड़ दिए लेकिन नाले पर अतिक्रमण कर शो रूम बनाने वालों के आगे वह नतमस्तक है। शिकायतकर्ता ने नगर आयुक्त को भी वास्तविक स्थिति से अवगत कराया और दस्तावेज दिखाए। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने मामले को देखने का आश्वासन दिया है।
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