'पहले सीवर साफ करो, तब बिल का भुगतान करेंगे': कानपुर में HBTU संस्थान ने जलकल को दिया जवाब, जानिए पूरा मामला

अभिषेक वर्मा, कानपुर। कई मामले ऐसे आ रहे हैं जहां जलकल और नगर निगम के कार्यों पर सवाल उठाकर लोग राजस्व रोक ले रहे हैं। तकनीकी संस्थान एचबीटीयू ने जलकल की ओर से सीवर व जलकर का पैसा मांगने पर कहा है कि पहले संस्थान में फैली गंदगी को साफ करिये, इसके बाद ही बिल भुगतान करने की बात करिये।
जलकल ने पिछले दिनों हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय नवाबगंज को सीवर व जलकर का नोटिस भेजा था। इसपर संस्थान की कुलसचिव अंजू वर्मा ने जलकल के अधिशाषी अभियंता जोन 6 को पत्र लिखकर कहा कि विश्वविद्यालय के पश्चिमी हिस्से में बने रमन छात्रावास व विश्वकर्मा छात्रावास के बीच में सीवर प्रवाहित हो रहा है। नाले का निर्माण न ही किया गया और न ही नाला बंद किया गया। इस वजह से छात्रावास में रह रहे छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जब समस्या ठीक हो जायेगी उसके बाद ही बिल का भुगतान किया जा सकेगा।
जलकल ने कहा, नगर निगम की जिम्मेदारी
जलकल के अधिशाषी अभियंता मो. शमीम ने सीवर भराव की समस्या से पलड़ा झाड़ते हुये कहा कि जलकल के अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो पता चला कि समस्या नाले की है। जो नगर निगम कानपुर से संबंधित है। इसलिये जलकल का सीवर व जलकर का भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
1.27 करोड़ रुपये सलाना भुगतान करना संस्थान
संस्थान की कुलसचिव अंजू वर्मा ने नगर निगम को बताया कि विश्वविद्यालय हर वर्ष सामान्य कर 59.99 लाख और जलकर और सीवर कर का 67.18 लाख रुपये जमा करता है। लेकिन इसके बावजूद समस्या का निराकरण नहीं कराया जा रहा है। इसलिये जबतक समस्या को ठीक नहीं किया जायेगा भुगतान नहीं किया जायेगा।
अब रात 10 बजे तक वसूली करेंगे कर निरीक्षक
मार्च में टारगेट पूरा करने के लिये अब राजस्व निरीक्षक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक अपने वार्ड, क्षेत्र में वसूली करेंगे। नगर आयुक्त ने समीक्षा बैठक में नाराजगी के बाद यह आदेश जारी किये हैं। राजस्व निरीक्षकों से किसी भी समय लोकेशन मांगी जा सकती है। इसके साथ ही प्रत्येक राजस्व निरीक्षक को दिन में कम से कम 50 संपत्तियों से वसूली करनी होगी। इससे कम वसूली होने पर सम्बन्धित राजस्व निरीक्षक का वेतन रोक दिया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा है कि प्रत्येक जोन कम से कम 1000 संपत्तियों से वसूली करेगा। समस्त कर्मचारी सुबह 8 बजे कार्यालय में अवकाश के दिन उपस्थित रहेंगें। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रमुख सचिव नगर विकास के निर्देश हैं कि प्रत्येक राजस्व निरीक्षक 8 मार्च से 31 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 8.30 बजे के बीच डीसीसीसी की बैठक में भाग लेगा।