संतकबीरनगर: तमिलनाडु में बैठकर चलाता था प्रवासी पंक्षियों की तस्करी का गैंग, सरगना समेत चार को पुलिस ने पकड़ा
20 दिसम्बर को अमृत विचार डिजिटल ने प्रमुखता से चलाई थी खबर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सभी को भेजा जेल

मेंहदावल, संतकबीरनगर। संतकबीरनगर जिले में ऐतिहासिक बखिरा पंक्षी बिहार मेहमान पंछियों की कत्लगाह बनती जा रही है। बीते 20 दिसम्बर को अमृत विचार ने अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर "मेहमान पंछियों की कत्लगाह साबित हो रही बखिरा झील" शीर्षक से बड़ी प्रमुखता से खबर चलाई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए बखिरा पुलिस ने मुखबिरों का जाल फैलाया और सटीक सूचना पर सोमवार को तगड़ी घेराबंदी करते हुए गैंग सरगना को तमिलनाडु से और उसके कारिंदों को दो जिंदा और एक मृत पंछी के साथ गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पंछियों को पकड़ने के उपकरण भी बरामद किया है।
शिकारियों के गैंग का सरगना तमिलनाडु में बैठकर पंक्षियों का तस्करी कराता था। रविवार की देर रात मुखबिर की सूचना पर बखिरा पुलिस ने तमिलनाडु से गैंगस्टर दिनेश व उसके चार साथी अमरेंद्र, रामबचन और दीपू को गिरफ्तार किया है और वन्य संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। बताते चलें कि कुछ दिनों पूर्व पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था।

लेकिन में मान पंछियों के शिकार का करोबार थमने का नाम नहीं ले रहा था। गैंग का मुख्य सरगना सरगना दिनेश पुलिस से बचने के लिए तमिलनाडु चला गया और वहीं से वह फोन के जरिए एक दूसरे से संपर्क कर प्रवासी पक्षियों की खरीद फरोख्त का धंधा चलाता था। इसको लेकर भी आपके अपने अखबार अमृत विचार ने बीते 20 दिसंबर को शीर्षक "विदेशी पक्षियों की कत्लगाह बनी बखिरा झील" खबर प्रकाशित किया था।
खबर का संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने गैंग पर नकेल कसने के लिए टीमें गठित कर मुखबिरों का जाल फैला दिया था। जिसकी सफलता रविवार को लेकर मिली। इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस टीम को पकड़े गए व्यक्ति ने सरगना का नाम बताया और कॉल डिटेल के माध्यम से पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया।
थानाध्यक्ष बखिरा श्याम मोहन ने बताया कि अपने हमराह कांस्टेबल मुन्नीलाल गुप्ता, कांस्टेबल अनिल यादव के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि बखिरा झील में प्रवासी पंक्षियों को जाल व क्युराडाईन के द्वारा पकड़ने वाले झुंगिया गांव के कुछ शिकारी पंक्षियों को पकड़ कर ले जा रहे हैं। पुलिस टीम छिपकर शिकारियों के आने की प्रतीक्षा कर रही थी कि इसी बीच वन दरोगा रंजीत व वन क्लर्क दिलीप त्रिपाठी भी आ गए।
पुलिस और वन विभाग की टीम शिकारियों के आने का इंतजार कर रही थी कि इसी बीच हाथों में झोला लिये आते दिखे। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे जिन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया गया। एक शिकारी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम अमरेंद्र पुत्र रामकेश बताया। तलाशी के दौरान उसके हाथ में दो जिंदा व एक मरा प्रवासी पंक्षी बरामद हुआ। इसके अलावा पंछियों के शिकार के लिए इस्तेमाल होने वाला 250 ग्राम क्यूराटाइम भी बरामद हुआ।
सरगना को गिरफ्तार कर भेजा है जेल: थानाध्यक्ष
बखिरा थानाध्यक्ष श्याम मोहन ने बताया कि वन्य जीव संरक्षण के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रवासी पक्षियों के सरगना दिनेश कुमार निवासी ग्राम झुंगिया थाना बखिरा और उसके टीम के शिकारी अमरेंद्र कुमार पुत्र रामकेश निवासी ग्राम बरईपार, दीपू पुत्र रामसूरत और रामबचन पुत्र सेवालाल निवासी गण ग्राम झुंगिया थाना बखिरा को गिरफ्तार कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मेहमान पंछियों की सुरक्षा का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। उनके शिकार का कुत्सित प्रयास करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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