रामनगर: ARTO दफ्तर से प्रधान सहायक को 2200 ₹ रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, ई- रिक्शा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट करना था जारी
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रामनगर, अमृत विचार। एआरटीओ आफिस में शुक्रवार को विजिलेंस के छापे में कर्मचारियों में हड़कंप छाया रहा। बता दे कि ई- रिक्शा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर प्रधान सहायक को विजिलेंस टीम ने 2200 सौ रिश्वत वसूलते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में एआरटीओ आफिस में अफरातफरी का माहौल रहा।
विजिलेंस के क्षेत्राधिकारी अनिल मनराल ने बताया कि एक शिकायत कर्ता ने पांच दिसंबर को विजिलेंस के टोल फ्री नम्बर 1064 पर मामले की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनसे एक ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन के लिए रामनगर उपसंभागीय कार्यालय में आवेदन किया था।
यहां तैनात प्रधान सहायक अधिकारी की कुर्सी पर तैनात ललित आर्य द्वारा शिकायतकर्ता से पंजीकरण हेतु 2200 रुपये की रिश्वत की मांग की गई। शुक्रवार को विजिलेंस एसपी धीरेंद्र गुंजल के निर्देशों पर विजिलेंस क्षेत्राधिकार अनिल मनराल के नेतृत्व में एआरटीओ कार्यालय रामनगर में छापामार कार्रवाई कर प्रधान सहायक पद पर तैनात ललित आर्य को 2200 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार करने की कार्रवाई करने के साथ साथ पूछताछ की जा रही है। इस दौरान विजिलेंस क्षेत्राधिकारी अनिल मनराल, निरीक्षक ललिता पांडे, निरीक्षक विनोद यादव, उप निरीक्षक रमेश चंद्र सिंह,हेड कांस्टेबल दीपचंद जोशी,कांस्टेबल नवीन कुमार, कांस्टेबल संजीव सिंह नेगी शामिल रहे।