Unnao में स्वामी प्रसाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अधिवक्ताओं ने की मांग, जानें- कारण

उन्नाव में स्वामी प्रसाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अधिवक्ताओं ने की मांग।

Unnao में स्वामी प्रसाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अधिवक्ताओं ने की मांग, जानें- कारण

उन्नाव में स्वामी प्रसाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अधिवक्ताओं ने मांग की। अधिवक्ताओं ने सपा महासचिव के खिलाफ कोर्ट में 156(3) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने को प्रार्थनापत्र दिया है।

उन्नाव, अमृत विचार। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर एक बयान अपलोड किया जिसमें उन्होंने हिंदू धर्म के अस्तित्व को नकारते हुए जाति विशेष के लिए अपमान जनक टिप्पणी की थी। इसे लेकर शहर निवासी अधिवक्ता ने आईजीआरएस में शिकायत दर्ज कराई थी। कार्रवाई न होने पर अधिवक्ता ने 156(3) के तहत वाद दायर कर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। 

बता दें कि शदर कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला सिविल लाइंस निवासी अधिवक्ता आदित्य त्रिपाठी ने सीजेएम कोर्ट में धारा 156(3) के तहत वाद दायर करते हुए बताया कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने सनातन धर्म के अस्तित्व को नकारते हुए एक जाति के प्रति अपमान जनक बयान दिया था। अधिवक्ता ने सत्यता परखने के लिये प्रार्थी ने उनका अधिकृत ट्विटर हैंडल को चेक किया।

लिखित रूप से व वीडियो के माध्यम से बयान पढ़ने व देखने को मिला। बताया कि उनके द्वारा दिये बयान से जन सामान्य के मन में जातीय विभेद उत्पन्न हो रहा है तथा सामाजिक समरसता को खतरे में डाला गया है। इस वजह से जातीय हिंसा हो सकती है। याची अधिवक्ता ने इस कृत्य को घृणा उत्पन्न करने वाला बयान बताते हुए कहा कि इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिये।

याची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पूर्व ही राज्यों को निर्देश दिया है कि बिना शिकायत कर्ता के स्वतः संज्ञान लें। घृणास्पद बयान देने वाले व्यक्ति के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करें। इस दौरान अधिवक्ताओं में ओपी पांडेय, सूरज बाजपेई, चंद्र किशोर मिश्रा, कर्मेश मिश्रा, अमित तिवारी आदि मौजूद रहे।

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