रायबरेली: बारिश के चलते चरमराई विद्युत वितरण व्यवस्था, इस वजह से बंद की गई ऊंचाहार की तीन इकाइयां

रायबरेली, अमृत विचार। उत्तर भारत के हो रही बरसात का असर विद्युत वितरण व्यवस्था पर पड़ा है। बरसात के कारण विद्युत लाइनें प्रभावित हुई है। जिसके कारण उत्तरी ग्रिड ने बिजली की मांग घटा दी है। परिणाम स्वरूप ऊंचाहार परियोजना की तीन इकाइयों को बंद कर दिया गया है । इस प्रकार से ऊंचाहार परियोजना ने करीब एक हजार मेगावाट का उत्पादन घटाया है।
विगत कुछ दिनों ने उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में बरसात हो रही है। जिसके कारण विद्युत लाइनें खराब हुई है और विद्युत वितरण व्यवस्था गड़बड़ा गई है। जिसका सीधा असर विद्युत उत्पादक कंपनियों पर पड़ा है। विद्युत लाइनों में गड़बड़ी के कारण बिजली की खपत कम हुई है। जिसके कारण उत्तरी ग्रिड ने संतुलन बनाने के उद्देश्य से बिजली परियोजनाओं से बिजली की मांग कर दिया है।
ग्रिड के नियंत्रक नार्दन रीजन लोड डिस्पैच सेंटर ( एनआरएलडीसी) ने शनिवार को ऊंचाहार परियोजना में विद्युत उत्पादन घटाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद शनिवार की रात एक एक करके तीन यूनिटों को बंद किया गया है। जिसमें यूनिट नंबर एक और यूनिट नंबर दो 210 मेगा वाट प्रत्येक यूनिट उत्पादन क्षमता की इकाइयां थी, जबकि 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता की यूनिट नंबर 6 को भी बंद किया गया है। इस प्रकार से 920 मेगा वाट का उत्पादन बंद किया गया है। इसके अलावा जो यूनिटें चल रही है, उनको भी कम भार पर चलाया जा रहा है।
इस प्रकार ऊंचाहार परियोजना में करीब एक हजार मेगावाट का उत्पादन घटाया गया है। ज्ञात हो कि ऊंचाहार परियोजना में 210 मेगा वाट प्रत्येक यूनिट उत्पादन क्षमता की कुल 5 इकाइयां स्थापित हैं, जबकि 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 6 स्थापित है। एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि ग्रिड द्वारा बिजली की मांग कम किए जाने के कारण 3 यूनिटों को रिजर्व शटडाउन में रखा गया है। मांग बढ़ते ही इन यूनिटों को चला दिया जाएगा।