बरेली: यूनिफॉर्म सिविल कोड शरीयत पर सीधा हमला, किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं- मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

बरेली, अमृत विचार। देश में समान नागरिक कानून लागू करने की तैयारियों के बीच लगातार इसका विरोध देखने को मिल रहा है। वहीं अब बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध किया है। इसको लेकर शहर में नॉवल्टी चौराहे के पास स्थित एक प्रेस क्लब में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कई उलमाओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यूसीसी का पुरजोर विरोध किया है। इसके साथ ही मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने समान नागरिक कानून को सीधे तौर पर शरीयत पर हमला करार दिया है। साथ ही इसे किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं करने की बात कही है।
मौलाना ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित रिटायर्ड जजों की कमेटी की जांच में खुलासा हुआ है कि तलाक देने का अधिकार पुरुषों के साथ महिलाओं को भी दिया जाएगा। साथ ही हलाला और इद्दत पर रोक लगाई जाएगी। वहीं बहुविवाह पर रोक लगाते हुए सिर्फ एक विवाह के साथ ही पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके अलावा सभी को सिर्फ दो बच्चे पैदा करने का ही अधिकार होगा। वहीं जजों की कमेटी द्वारा सुझाए गए बिंदुओं का उल्लंघन करने वालों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखने की बात कही गई है।
इस दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने विधि आयोग की तरफ से आम नागरिकों से मांगे गए सुझाव को लेकर कहा कि विधि आयोग ने अब तक कोई खाका ही पेश नहीं किया है। ऐसी स्थिति में नागरिकों, संगठनों या धार्मिक व्यक्तियों द्वारा किस चीज पर हां करें या किस पर ना। इसको मौलाना ने बहुत बड़ी गलती बताया है। वहीं इस मौके पर मौजूद जमात के राष्ट्रीय सचिव हाफिज़ नूर अहमद अज़हरी ने यूसीसी लागू होने पर देश में कड़ा विरोध जताने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उलमा इसको लेकर बहुत जल्द लखनऊ में देशव्यापी आंदोलन करेंगे।
ये भी पढे़ं- बरेली: चोरों के हौसले बुलंद, डीएम आवास के बगल से स्ट्रीट लाइटों पर हाथ किया साफ