लखनऊ: रोडवेज के चालक और परिचालकों ने किया चक्का जाम, बे 'बस' हुए यात्री

लखनऊ:  रोडवेज के चालक और परिचालकों ने किया चक्का जाम, बे 'बस' हुए यात्री

लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत चलने वाली जनरथ एसी बसों और साधारण बसों का रोडवेज ड्राइवर,कंडक्टरों ने गुरुवार को चक्काजाम कर संचालन ठप कर दिया। सैकड़ों की संख्या में रोडवेज कर्मचारी अवध बस डिपो में एकजुट होकर रोडवेज आरएम के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी । बस नहीं चलने से यात्रियों के सामने सफर को लेकर बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई। 

यात्री बसों के चलने के इंतजार में बेबस थे लेकिन चालकों परिचालकों ने यात्रियों को नजरअंदाज कर बस हड़ताल शुरु कर दी। देखते ही देखते इसका असर लखनऊ परिक्षेत्र के सभी डिपो में संचालन प्रभावित होने लगा। भीषण गर्मी में सस्ते किराये वाली एसी जनरथ बस से किसी को दिल्ली जाना था, किसी बहराइच, बलरामपुर, रूपेहडीहा और गोरखपुर। अचानक एसी जनरथ बसों की हड़ताल पर बसें रद्द कर दी गई।

 यह सूचना कैसरबाग बस अड्डे पर जब यात्रियों को मिली तो बेबस होकर इधर-उधर भटकने लगे। काफी यात्री ट्रेन पकड़ने चारबाग चले गए तो काफी यात्री पूछताछ काउंटर पर बसों की जानकारी के लिए भीड़ लगाए रहे। इस दौरान ड्राइवर-कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर कैसरबाग स्थित अवध बस डिपो पर अड़े रहे। परिवहन निगम मुख्यालय से पहुंचे अधिकारियों से कई चक्र की वार्ता विफल होने पर बसों की हड़ताल जारी रही।

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 गुरुवार सुबह कैसरबाग स्थित अवध बस डिपो के ड्राइवर-कंडक्टर 12 सूत्री मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार पर चले गए। इनमें लगातार बस ड्यटी के बाद छुट्टी नहीं मिलने की मुख्य मांग रही। डिपो में ही अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए बसों का चक्का जाम कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे मुख्यालय के अधिकारियों से चार चक्र की वार्ता में किसी भी मांग पर कोई बात नहीं बनी। लिहाजा अवध बस डिपो 95 बसों का संचालन ठप कर दिया गया। ऑनलाइन बुकिंग वाली बसों को कैंसिल दिया। पहले से सीट बुक करा चुके यात्री बस के इंतजार में कैसरबाग और आलमबाग बस टर्मिनल पर भटकते रहे। 

ऑनलाइन बस सेवाएं निरस्त होने पर यात्रियों की मुस्किलें बढ़ी 
अवध डिपो की अधिकांश एसी जनरथ बसें ऑनलाइन सीट बुकिंग पर संचालित होती है। अचानक बस हड़ताल के चलते कैसरबाग बस अड्डे सुबह 9:30, 11 व 12 बजे गोरखपुर की बसें निरस्त कर दी गई। वहीं सुबह 10:30 बजे रूपईडीहा, 10:50 बजे बहराइच और 11:00 बजे बलरामपुर की जनरथ बसें रद्द कर दी गई। बसें रद्द होने की सूचना यात्रियों के मोबाइल पर नहीं पहुंचने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

आरएम हटाओ, लखनऊ क्षेत्र बचाओ का नारा लगाते रहे चालक परिचालक 
अवध डिपो में सैकड़ों की संख्या में चालक-परिचालक और कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करते हुए आरएम हटाओ, लखनऊ क्षेत्र बचाओ का नारा लगाते है। वार्ता के बुलाए गए कर्मचारी संगठनों की पहले यही मांग रही। इसके बाद 12 सूत्रीय मांगों पर बात करने के लिए अड़े रहे। इस दौरान परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक प्रशासन रामसिंह वर्मा, सीजीएम टेक्निकल रविंद्र सिंह, प्रधान प्रबंधक संचालन के साथ कई बार वार्ता हुई पर आरएम हटाने की मांग के आगे कोई नतीजा नहीं निकल सका। बावजूद रोडवेज अफसरों के चार सदस्यीय टीम पांच घंटे तक डिपो में डटे रहने के बात निर्णय नहीं ले सके।

दिल्ली, सहारनपुर, झांसी, मेरठ, गोरखपुर रूट की बसें खड़ी रही 
अवध डिपो की कैसरबाग बस अड्डे से संचालित होने वाली एक दर्जन रूटों की बसें गुरुवार सुबह से रद्द रही। इस दौरान कैसरबाग से सीतापुर के रास्ते दिल्ली रूट की बसें, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, रूपेहडीहा, गोरखपुर, सहारनपुर, झांसी, मेरठ रूट की बसें निरस्त होने पर यात्रियों को साधारण बसों से सफर करना पड़ा। 

नियम विरूद्ध मांगें नहीं मानी जाएंगी, पुलिस बुलाई गई
क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंडीर ने बताया कि उनकी मांग मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर एक्ट, 1961 के विरोध में है कि उन्हें एक चालक द्वारा लगातार 15 घंटे तक बस चलाने की अनुमति मांग रहे है। इससे बस हादसे की संभावना बनी रहती है। लिहाजा आठ घंटे की ड्यूटी के बाद आराम के निर्देश दिए गए है। जिसके विरोध में बसों का चक्का जाम करके नियम विरूद्ध मांगे कर रहे है। मैंने हड़ताली लोगों से दो बार कहा है कि वे अवैध मांग पर जोर न दें, जिसके लिए उन्होंने उचित नोटिस भी नहीं दिया है। मैंने पुलिस तैनाती की मांग की है। 

आज आरएम नहीं हटे तो पूरे लखनऊ में चक्का जाम 
रोडवेज कर्मचारी संगठनों से जुड़े नेताओं ने कहा है कि जब तक आरएम नहीं हटेंगे तब तक बसों का संचालन शुरू नहीं होगा। श्रमिक समाज कल्याण संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामराज विश्वकर्मा ने कहा कि शुक्रवार सुबह तक निर्णय नहीं हुआ तो लखनऊ क्षेत्र के सभी डिपो में बसों की हड़ताल कर दी जाएगी।

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