शाहजहांपुर: असमंजस में स्कूल, कैसे कराएं बच्चों के प्रैक्टिकल
शाहजहांपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद है। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। बोर्डों ने अपने पाठ्यक्रम घटा दिए हैं पर प्रैक्टिकल के संबंध में बोर्ड से कोई दिश-निर्देश जारी नहीं किया है। इस लिए सभी स्कूल असमंजस में हैं कि वे अपने छात्र-छत्राओं से प्रैक्टिकल कैसे कराएं। स्कूलों …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद है। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। बोर्डों ने अपने पाठ्यक्रम घटा दिए हैं पर प्रैक्टिकल के संबंध में बोर्ड से कोई दिश-निर्देश जारी नहीं किया है। इस लिए सभी स्कूल असमंजस में हैं कि वे अपने छात्र-छत्राओं से प्रैक्टिकल कैसे कराएं। स्कूलों की चिंता 10वीं और 12वीं की कक्षा के विद्यार्थियों को लेकर है, जिसमें प्रैक्टिकल अनिवार्य है।
पुवायां इंटर कालेज के प्रधानाचार्य जेपी मौर्या ने बताया कि उनके स्कूल में अगस्त से ही प्रैक्टिकल शुरू हो जाते हैं। दिसंबर से पहले प्रैक्टिकल खत्म कराने होते हैं। बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल दिसंबर से शुरू हो जाते हैं। इस साल पैक्टिकल कैसे कराएं जाएंगे समझ नहीं आ रहा है। प्रैक्टिकल के लिए विद्यार्थियों स्कूल आना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड से अभी तक कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं कि प्रैक्टिकल कैसे कराए जाएं। यदि लंबे समय तक स्कूल बंद रहे तो प्रैक्टिकल कराने में समस्या आएगी। यह भी हो सकता है कि कि प्रैक्टिकल केवल औपचारिकता ही रह जाए।
यूपी बोर्ड में पैक्टिकल की यह है व्यवस्था
बोर्ड ने निर्धारित किया है कि किस क्लास में कितने पैक्टिकल होने चाहिए। इंटर भौतिक विज्ञान में पहले 20 प्रैक्टिकल बच्चों को करने हाते थे। इस साल मात्र पांच प्रैक्टिकल करने होंगे। 15 प्रैक्टिकल बोर्ड ने कम कर दिए हैं। 11 वी में 20 पैक्टिकल करने होते थे पर इस बार आठ ही करने होंगे। 12 प्रयोग बोर्ड ने कम कर दिए हैं। कक्षा 10वीं में 15 प्रोजेक्ट और 19 प्रोजेक्ट हैं सभी करने अनिवार्य है। वहीं, कक्षा नौ में 15 प्रैक्टिकल हैं जो सभी करने अनिवार्य हैं। यह सभी प्रैक्टिकल दिसंबर से पहले कराने होंगे। उसके बाद बोर्ड के प्रैक्टिकल शुरू हो जाते हैं।
सीबीएसई खोजा रहा है विकल्प
सीबीएसई स्कूलों के सामने भी यही समस्या है। लेकिन सीबीएसई तीन विकल्पों पर चर्चा कर रहा है। रोजी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजीब मोहन पांडे ने बताया कि सीसीएसई तीन विकल्पों पर विचार कर रहा है। पहला ऑप्शन ऑलाइन लैब से प्रैक्टिकल कराए जा सकते हैं। दूसरा ऑप्शन जब भी स्कूल खुलें तो समय निकाल कर विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल कराए जाएं। तीसरा ऑप्शन है कि पैक्टिकल को रिसर्च बेस प्रोजेक्ट बदल दें। उन्होंने बताया कि सीबीएसई इन तीन बिंदुओं पर विचार कर रहा है। बोर्ड से जो भी निर्देश आते हैं उसी हिसाब से बच्चों के प्रैक्टिकल कराए जाएंगे।