बाढ़ समस्या : करीब सौ विद्यालय हैं जलमग्न, पठन-पाठन ठप

अमृत विचार, अयोध्या। सरयू नदी उफनाने के चलते बाढ़ और भारी बारिश के पानी से जनपद के करीब एक सैकड़ा विद्यालय जलमग्न हो गये हैं। इन स्कूलों में पठन-पाठन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। पानी भरने से छात्र और शिक्षकों की स्कूल तक पहुंच नहीं हो पा रही है। हजारों बच्चों का भविष्य …
अमृत विचार, अयोध्या। सरयू नदी उफनाने के चलते बाढ़ और भारी बारिश के पानी से जनपद के करीब एक सैकड़ा विद्यालय जलमग्न हो गये हैं। इन स्कूलों में पठन-पाठन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। पानी भरने से छात्र और शिक्षकों की स्कूल तक पहुंच नहीं हो पा रही है। हजारों बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। जलभराव के चलते जो विद्यालय बंद हो गये हैं वहां के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की भी व्यवस्था अभी नहीं हो पाई है।
पूरा बाजार क्षेत्र में सरयू नदी में आई विकराल बाढ़ से हुए जलभराव के चलते दो कमपोजिट विद्यालय सहित 7 विद्यालय बंद हो गए हैं। यहां पढ़ने वाले 752 बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। विद्यालय में अब ना बच्चे जा सकते हैं और ना ही अध्यापकों को जलभराव के चलते रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। स्कूल तक पहुंच वाले रास्ते में पानी भरा हुआ है। सिर के बराबर पानी भरा हुआ है। रामपुर पुआरी माझा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी से आधा से ज्यादा विद्यालय डूब गया है।
विद्यालय में रखा गेहूं चावल टाट पट्टी कालीन कुर्सी मेज भीग कर खराब हो गया। जलभराव इतना ज्यादा है कि विद्यालय डूबने की कगार पर है। कंपोजिट विद्यालय बलुइया माझा मड़ना के प्रधानाध्यापक हरिराम वर्मा का कहना है कि पानी कम होने जाने पर 15 दिन विद्यालय खुलना मुश्किल है। खंड शिक्षा अधिकारी पूरा बाजार शैलेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ के पानी के चलते विद्यालय डूबने की स्थिति में है।
विद्यालय के अध्यापकों को उसी गांव के उपरहार में रहने को कहा गया है। यही नहीं, रुदौली, सोहावल, बीकापुर व हैरिग्टीनगंज ब्लॉक के भी कई विद्यालयों में जलभराव है। रुदौली खण्ड शिक्षा क्षेत्र में 23 विद्यालयों में भारी जलभराव है। सोहावल विकास खण्ड में 7 विद्यालयों में पानी भरा हुआ है। बीकापुर शिक्षा क्षेत्र में 46 परिषदीय विद्यालयों में भारी जलभराव हो गया है। शिक्षा क्षेत्र हैरिग्टीनगंज में 33 विद्यालयों में पानी भरा हुआ है।
इस सम्बन्ध में बीएसए, संतोष कुमार ने बताया कि कई विद्यालयों में जलभराव की सूचना है। समस्या बहुत बड़ी है, लेकिन कोई विद्यालय बंद नहीं हैं लेकिन पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। कोई न कोई व्यवस्था कराकर पठन-पाठन सुचारू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस बारे में सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। जो विद्यालय बाढ़ के कारण बंद हैं वहां के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश दिये गये हैं।
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