पीलीभीत: ग्रामीण पर वन्यजीव के हमले पर उठ रहे सवाल, अधिकारी कर रहे जांच

पीलीभीत, अमृत विचार। खेत पर काम करने के दौरान तेंदुए के हमले की सूचना के बाद जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम को मौके पर इससे संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिल सके हैं। इससे घटना पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं दबी जुबान से चर्चा है कि ग्रामीण पर बाघ ने टाइगर रिजर्व क्षेत्र …

पीलीभीत, अमृत विचार। खेत पर काम करने के दौरान तेंदुए के हमले की सूचना के बाद जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम को मौके पर इससे संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिल सके हैं। इससे घटना पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं दबी जुबान से चर्चा है कि ग्रामीण पर बाघ ने टाइगर रिजर्व क्षेत्र से अलग जंगल में हमला किया था। इसको लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।

न्यूरिया क्षेत्र के गांव बरी के रहने वाले हरिप्रसाद पर खेत में पानी लगाने के दौरान वन्यजीव ने हमला कर दिया था। हमले की सूचना मिलने के बाद वनाधिकारियों ने अपनी जांच शुरू कर दी थी। अस्पताल में आकर डिप्टी रेंजर शेरसिंह ने भी घटना की घायल से जानकारी ली थी और तेंदुए का हमला होने की बात कही थी। घटना को लेकर जब वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की तो वहां पर इससे संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले थे। काफी देर तक टीम वहां पर आसपास ही भ्रमण कर जांच पड़ताल करती रही।

जांच के दौरान कोई क्लू न मिल पाने से अब मामला संदिग्ध हो गया है। ग्रामीण के बताए गए घटना स्थल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि ग्रामीण पर बाघ ने हमला किया लेकिन खेत पर नहीं किया गया है। यहां तक कि घटना स्थल भी पीटीआर और सामजिक वानिकी क्षेत्र का नहीं होने की चर्चा है। ऐसे में अधिकारियों ने अब इस चर्चा पर भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रेंजर पीयूष मोहन ने बताया घटना स्थल पर टीम को भेजा गया था। मौके पर घटना से संबंधित कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है। चर्चा है कि घटना कहीं बाहर हुई है।

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