लखनऊ: त्योहार बीता पर अब भी डॉ. एमसी सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई की सुध नहीं ले रही पुलिस

लखनऊ। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से बेहतर ग्रेड पाने के लिए मजदूरों को पैसों का लालच देकर फर्जी मरीज बनाकर भर्ती लेने और जबरन बंधक बनाकर इंजेक्शन व वीगो लगाने के मामले में फंसे ठाकुरगंत कोतवाली अंतर्गत दुबग्गा स्थित डॉ. आरआर सिन्हा मेमोरियल अस्पताल के चेयरमैन डॉ एमसी सक्सेना के खिलाफ पुलिस पूरी तरह से …
लखनऊ। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से बेहतर ग्रेड पाने के लिए मजदूरों को पैसों का लालच देकर फर्जी मरीज बनाकर भर्ती लेने और जबरन बंधक बनाकर इंजेक्शन व वीगो लगाने के मामले में फंसे ठाकुरगंत कोतवाली अंतर्गत दुबग्गा स्थित डॉ. आरआर सिन्हा मेमोरियल अस्पताल के चेयरमैन डॉ एमसी सक्सेना के खिलाफ पुलिस पूरी तरह से मेहरबान है। त्योहार बीतने के बाद भी पुलिस डॉ. एमसी सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई करने से अबतक कतरा रही है।
20 दिन पूर्व ही मिल चुका सर्च वॉरंट, पर अब तक छापेमार टीम गठित नहीं
विदित हो कि 7 फरवरी को प्रकरण के सामने आने के बाद 9 मार्च को पुलिस की ओर से सर्च वॉरंट के लिए आवेदन दिया गया था। गत तीन मार्च को पुलिस को डॉ. एमसी सक्सेना के कॉलेज, अस्पताल, कार्यालयों, आवासों समेत अन्य ठिकानों पर छापेमारी करने के लिए सर्च वॉरंट भी प्राप्त हो चुका है। पर 20 दिन बाद अबतक छापेमारी टीम का गठन तक नहीं हुआ है। त्योहार के बाद छापेमारी शुरू करने की बात कही जा रही थी, पर अधिकारियों के ये बोल हवाहवाई निकले। पुलिस का डॉ. एमसी सक्सेना पर इस तरह मेहरबान होना समझ से परे है।
अब तक नहीं मिली लोकेशन
मामले के बाद से 10 फरवरी से ही डॉ एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ कॉलेजेज का चेयरमैन डॉ. एमसी सक्सेना परिवार समेत फरार है। पुलिस ने उसके अलीगंज और महानगर स्थित आवासों पर नोटिस भी चस्पा किया है। साथ ही 40 से अधिक परिचितों के मोबाइल नंबर व सोशल मीडिया अकाउंट्स को सर्विलांस पर लगाया गया है। पर अबतक डॉ. एमसी सक्सेना के बारे में पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
डॉ. एमसी सक्सेना के खिलाफ छापेमारी के लिए टीम को गठन लगभग हो चुका है। जल्द ही क्रमबद्ध तरीके से छापेमारी की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-हरिशंकर चंद, प्रभारी निरीक्षक, ठाकुरगंज कोतवाली।
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