हल्द्वानी: ऑटो मोबाइल वर्कशॉप के लिए जरूरी हुई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति

हल्द्वानी: ऑटो मोबाइल वर्कशॉप के लिए जरूरी हुई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति

अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। अब वाहनों की मरम्मत करने वाली ऑटोमोबाइल वर्कशॉप को भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति लेना अनिवार्य है। यदि अनापत्ति नहीं ली और प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का उल्लंघन किया तो बोर्ड जुर्माने से सील तक की कार्रवाई कर सकता है। पीसीबी अधिकारियों के अनुसार, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में वाहनों की मरम्मत की …

अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। अब वाहनों की मरम्मत करने वाली ऑटोमोबाइल वर्कशॉप को भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति लेना अनिवार्य है। यदि अनापत्ति नहीं ली और प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का उल्लंघन किया तो बोर्ड जुर्माने से सील तक की कार्रवाई कर सकता है।

पीसीबी अधिकारियों के अनुसार, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में वाहनों की मरम्मत की जाती है। इसमें वाहनों की डेंटिंग-पेंटिंग, ऑयलिंग, ग्रीसिंग, धुलाई वगैरह की जाती है। इंजन से साइलेंसर तक की रिपेयरिंग होती है। वर्कशॉप में दिन भर में दर्जनों वाहनों की सर्विस वगैरह होती है। इस इंडस्ट्री से ध्वनि, वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण होता है। अभी तक इस इंडस्ट्री को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दायरे से बाहर रखा गया था लेकिन पिछले कुछ सालों में चौपहिया वाहनों की बढ़ते बाजार और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए इनको भी दायरे में ले आए हैं।

ऑटोमोबाइल वर्कशॉप संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति लेनी जरूरी है। इसमें वायु, जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा ताकि वाहनों की धुलाई के बाद जो पानी अंडर ग्राउंड छोड़ा जाए वो प्रदूषण नहीं फैलाए। साथ ही पानी के साथ इंजन ऑयल वगैरह अंडर ग्राउंड पानी में नहीं जाए। साइलेंसर से निकलने के लिए भी वायु प्रदूषण यंत्र लगाना होगा। इसी तरह ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण के लिए भी मानकों का पालन करना होगा। इन मानकों का पालन करने पर ही ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के संचालन की अनुमति मिलेगी। यह अनापत्ति सभी सरकारी व निजी ऑटोमोबाइल वर्कशॉप को लेना अनिवार्य होगी। निजी वर्कशॉप में दो पहिया व चार पहिया वाहनों की वर्कशॉप भी शामिल हैं।

निजी व सरकारी ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के संचालन के लिए पीसीबी से अनापत्ति लेना अनिवार्य है। दरअसल, वाहनों की सर्विसिंग व धुलाई में जल, वायु प्रदूषण होता है इसको  नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एनओसी अनिवार्य की है ।

  • आरके चतुर्वेदी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नैनीताल

 

 – रोडवेज की पांच वर्कशॉप हैं नैनीताल जिले  में 

नैनीताल जिले में रोडवेज की रामनगर, भवाली, नैनीताल, हल्द्वानी, काठगोदाम में वर्कशॉप हैं। इन वर्कशॉप संचालन के लिए रोडवेज को पीसीबी से अनापत्ति लेनी होगी। इससे पूर्व रेलवे ने भी काठगोदाम, लालकुआं व रुद्रपुर रेलवे स्टेशनों पर पर्यावरण संरक्षण के लिए बोर्ड से अनुमति ली है।

– 35 मेज वाले रेस्टोरेंट के लिए भी अनापत्ति हुई अनिवार्य 

अधिकारियों के अनुसार दो पहिया और चार पहिया वाहनों की तकरीबन 24-25 कंपनियों के शोरूम नैनीताल जिले में हैं। इन सभी कंपनियों के हजारों वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वहीं इन ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में रोजना सैकड़ों वाहन की सर्विसिंग होती हैं। ऐसे में प्रदूषण भी फैलता है। अब पीसीबी से एनओसी लेने पर काफी हद तक प्रदूषण नियंत्रित होगा।

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