मुरादाबाद: कटघर पुलिस न हो फेल, चोरी का मुकदमा दर्ज करने में किया खेल !

मुरादाबाद: कटघर पुलिस न हो फेल, चोरी का मुकदमा दर्ज करने में किया खेल !

मुरादाबाद, अमृत विचार। चोरी की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि से हताश पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में बड़ा खेल कर दिया। घटना की असल तिथि उजागर करने की बजाय खुद की पीठ थपथपाने की व्यूह रचना में कटघर पुलिस जुट गई। वादी व कटघर पुलिस के दावों में भारी विरोधाभाष मुकदमा दर्ज करने में थाने …

मुरादाबाद, अमृत विचार। चोरी की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि से हताश पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में बड़ा खेल कर दिया। घटना की असल तिथि उजागर करने की बजाय खुद की पीठ थपथपाने की व्यूह रचना में कटघर पुलिस जुट गई। वादी व कटघर पुलिस के दावों में भारी विरोधाभाष मुकदमा दर्ज करने में थाने के मुंशी द्वारा खेल करने की आशंका को बल दे रहे हैं।

कटघर थाना क्षेत्र में पीरजादा केबी स्कूल वाली गली के रहने वाले मोहम्मद अनीस के मुताबिक 30 अप्रैल को दो फेरी वालों ने उसके छोटे भाई व परिजनों की आंखों में धूल झोंककर दिनदहाड़े आलमारी की चाबी बनाने के बहाने घर में घुसे चोर जेवरात समेट ले गए। पीड़ित ने चोरी की सूचना तत्काल पुलिस को दी थी। ठीक ऐसी ही तहरीर लालाराम वर्मा निवासी गाेविंदनगर ने भी दी थी। अब कटघर पुलिस के दावे पर गौर करें।

शनिवार को चोरी की दो घटनाओं का महज 24 घंटे में पर्दाफाश करने का दावा पुलिस ने किया। बताया कि महज एक दिन पहले हुई चोरी की दोनों घटनाओं के बाद पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई। शनिवार को पीतल नगरी बस स्टैंड के समीप से मध्यप्रदेश के रहने वाले दो युवक पुलिस के हत्थे चढ़े। आरोपियों की पहचान विष्णु निवासी लोहारी, थाना भगवानपुरा, खरगोन व राजेश निवासी पलासद बडवानी थाना राजपुर, बडवानी (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई।

दोनों के कब्जे से पीली धातु की एक अंगूठी, तीन लाकेट, दो टॉपस व एक प्लास्टिक के थैले में हथौडी, प्लास, चाबी स्टैंड, दो ताले तथा तीन रेती, पेचकस तथा 95 चाबी बरामद हुईं। बहरहाल घटना की असल तिथि को लेकर अनीस व कटघर पुलिस के बीच भारी विरोधाभाष है। दोनों के दावों में घटना की जो तिथि बताई जा रही है, उसमें 13 दिन का अंतर है। अनीस के दावों पर यकीन करें तो साफ होता है कि कटघर पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज करने में जानबूझ कर देरी की। मुरादाबाद पुलिस का यह खेल नया नहीं है।

पुलिस रिकार्ड में पहले भी चोरी की घटनाओं के ऐसे कई खुलासे दर्ज हैं, जिसमें 24 घंटे के भीतर घटना का पर्दाफाश करने का दावा किया गया। चोरी के मुकदमे के पंजीकरण में देरी का खेल भले ही आम लोगों की समझ के परे है, लेकिन पर्दे के पीछे का असल सच यह है कि ऐसे मुकदमे पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ा करते हैं। अपनी विफलता छिपाने के चक्कर में पुलिस चोरी का मुकदमा दर्ज करने में देर करती है। इतना ही नहीं चोरी की घटनाएं उजागर होने पर संबंधित हल्का व थाने के इंचार्ज की कार्यप्रणाली पर उच्चाधिकारी सवाल दागते हैं। ऐसे हालात से निपटने के लिए ही पुलिस ने 24 घंटे के भीतर चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करने की नई योजना ईजाद कर ली है।

रूई और तेल मांग कर देते हैं झांसा
चोरी के आरोप में हत्थे चढ़े मध्यप्रदेश के दोनों युवकों ने पूछताछ में बताया कि वह दोपहर के वक्त महानगर की गलियों में फेरी लगाते थे। चाबी बनवाने व ताले ठीक कराने की आवाज लगाते थे। घर में घुसने के बाद वह रूई व तेल मांगने लगते थे। गृह स्वामी के मौके से खिसकते ही दोनों अलमारी में रखी ज्वेलरी पर हाथ साफ कर देते थे।

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