पैमाइश : योगी मंदिर कृषि विवि, शनिदेव मूर्ति ग्राम समाज की अवैध कब्जे की भूमि पर

पैमाइश : योगी मंदिर कृषि विवि, शनिदेव मूर्ति ग्राम समाज की अवैध कब्जे की भूमि पर

अमृत विचार, अयोध्या। सोहावल तहसील के कल्याण भदरसा गांव में योगी मंदिर प्रकरण में आखिरकार पूरा सच सामने आ ही गया है। कथित गायक प्रभाकर मौर्य द्वारा बनवाया गया योगी का मंदिर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के फार्म की जमीन तो शनिदेव की मूर्ति ग्राम समाज की भूमि पर पाई गई है। …

अमृत विचार, अयोध्या। सोहावल तहसील के कल्याण भदरसा गांव में योगी मंदिर प्रकरण में आखिरकार पूरा सच सामने आ ही गया है। कथित गायक प्रभाकर मौर्य द्वारा बनवाया गया योगी का मंदिर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के फार्म की जमीन तो शनिदेव की मूर्ति ग्राम समाज की भूमि पर पाई गई है। जिससे चलते अवैध रूप से किए गए इस कब्जे का हटना तय हो गया है।

सोहावल एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर बुधवार को हुई पैमाइश के दौरान यह सच सामने आया है। राजस्व कर्मियों ने कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों के सामने करीब पांच घंटे तक पैमाइश की। कृषि विश्वविद्यालय के सम्पत्ति अधिकारी डा सीताराम मिश्रा पैमाइश के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि मंदिर विश्विद्यालय की भूमि पर बना पाया गया है।

राजस्व निरीक्षक द्वारा तहसील प्रशासन को रिपोर्ट दिए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन आगे की कार्रवाई के लिए पत्र लिखेगा। पैमाइश करने वाले राजस्व निरीक्षक दयाराम वर्मा ने भी दबी जुबान से इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन को शुक्रवार तक पूरी रिपोर्ट सौंप दी जायेगी।

बता दे कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा 7 अक्टूबर को सोहावल तहसील प्रशासन को चेतावनी दी गई थी। जिसे ‘अमृत विचार’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बुधवार को पैमाइश करने वाली टीम में हल्का लेखपाल मनीषा मिश्रा, लेखपाल सूर्यभान पाठक, लेखपाल दिनेश चौरसिया शामिल रहे। थाना पूराकलंदर से पुलिस बल मौके पर रहा।

मंदिर बनवाने वाले प्रभाकर मौर्य के विरुद्ध दर्ज होगी रिपोर्ट.!

कल्याण भदरसा गांव में सरकारी भूमि पर मंदिर बनवा कर कब्जा करने वाले प्रभाकर मौर्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होना तय है। स्थानीय लेखपाल और कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों अवैध कब्जे को लेकर तहरीर दे सकते हैं। जिसके चलते अब प्रभाकर मौर्य की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। पहले से ही वह कई आरोपों से घिरा है।

कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन बोला – थैंक्यू ‘अमृत विचार’

इस मुद्दे को लगातार गंभीरता से उठाए जाने पर कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘अमृत विचार’ का आभार जताया है। सम्पत्ति अधिकारी डा सीताराम मिश्रा ने कहा कि यदि अखबार इस मुद्दे को न उजागर करता तो विश्विद्यालय को अपनी भूमि के अवैध कब्जे की जानकारी नहीं हो पाती। उन्होंने कहा पैमाइश भी इसी कारण संभव हुई।

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