मुरादाबाद : जर्जर हाल में विद्युत सुरक्षा विभाग का सरकारी कार्यालय, बरसात के मौसम में छत पर पॉलीथिन लगाकर करना पड़ता है काम

मुरादाबाद,अमृत विचार। बिजली के हादसों में जान गंवाने वाले और घायलों को मुआवजा देने वाले विभाग का कार्यालय जर्जर हालत में है। पिछले 30 वर्षों से सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा विभाग का कार्यालय 20 बाई 10 फीट की जगह में तीन कमरों में चल रहा है। जहां सरकार जिले के हर विभाग के कार्यालय का कायाकल्प कर रही है। वहीं इस कार्यालय की अनदेखी की जा रही है। इसकी एक वजह यह भी है कि इस कार्यालय में मंडलायुक्त और जिलाधिकारी का कभी दौरा नहीं होता। जबकि जिले में व्यापार और आयोजनों में बिजली से जुड़े सभी कार्यक्रम की अनुमति इसी विभाग की ओर से दी जाती है।
सिविल लाइंस स्थित विल्सोनिया स्कूल के पास पिछले 30 वर्षों से सहायक विद्युत सुरक्षा का कार्यालय संचालित हैं। छोटे-छोटे कमरों में संचालित कार्यालय में डीडी जितेंद्र सिंह, सहायक निदेशक जेबी सिंह समेत आठ लोग कार्य करते हैं। इस कार्यालय की संस्तुति पर विद्युत हादसों में मरने वाले लोगों या घायलों के परिजनों को मुआवजा मिलता है। इसके अलावा जिले में व्यापारी वर्ग हो या बैंक्वेट हाल स्वामी, अस्पताल या फिर जिले में बड़े-बड़े आयोजनों की परमिशन दी जाती है। लेकिन, इतने महत्वपूर्ण विभाग की जिला प्रशासन की ओर से अनदेखी की जा रही है। कार्यालय में वर्षों पुराना रिकॉर्ड धूल फांक रहा है।
वहीं रिकॉर्ड रखने की जगह सुरक्षित न होने पर चूहों द्वारा काटे गए रिकॉर्ड की कतरन भी देखने को मिली। यहां काम करने वाले कर्मियों का कहना है कि बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है। जिसकी वजह से उन्हें छत पर पॉलीथिन लगाकर कार्य करना पड़ता है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों को इंतजार है तो जिलाधिकारी या मंडलायुक्त के दौरे का। वहीं जिलाधिकारी अनुज सिंह का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों ने अब तक कोई प्रयास ही नहीं किया है। अगर प्रयास किया होता तो कार्यालय के हालात में सुधार किया जाता। विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से जानकारी कर जल्द सुधार किया जाएगा।
ये भी पढे़ं : मुरादाबाद : गणित पार्क में बच्चे आसानी से सीखेंगे जोड़ना-घटाना, स्कूल की दीवारों और पेड़ पर अंकित किए जरूरी संदेश