Chaitra Navratri 2025: नवरात्र में चंद्रिका देवी में नहीं होंगे VIP दर्शन, सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और पीएसी तैनात
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लखनऊ, अमृत विचार : बख्शी का तालाब क्षेत्र के कठवारा गांव में गोमती नदी के तट पर स्थित मां चंद्रिका देवी के धाम और अटेर गांव स्थित बाराही देवी मंदिरों में शनिश्चरी अमावस्या पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। बड़ी संध्या में लोगों ने दर्शन और पूजन कर मेले का आनंद लिया।
मां चंद्रिका देवी मंदिर मेला कमेटी के उपाध्यक्ष रामकृपाल सिंह ने बताया कि नवरात्र पर दूर दराज से लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए मंदिर में पहुंचते हैं। इसमें वीआईपी दर्शन करने वालों की संख्या अधिक होती है। इस बार वीआईपी दर्शन नहीं कराए जाएंगे। मेला कमेटी के सदस्य राजेश सिंह चौहान ने बताया कि अमावस्या पर पुजारी नरेश सैनी ने देवी मां के दरबार को तरह-तरह के फूलों से सजाया। सुबह 4 बजे ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। नवरात्र पर 101 ज्योति से देवी की मंगला आरती की जाएगी। रात 10 बजे तक लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। एसीपी अमोल मुरकुट ने बताया कि मंदिर परिसर में कड़े सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। पीएससी बल भी तैनात रहेगा।
बाराही देवी मंदिर में भी अमावस्या पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद बाराही देवी के दर्शन और पूजन किया। पूरा दिन मंदिर जयकारों से गूंजता रहा। इस दौरान मंदिर परिसर में लगे मेले में श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। नवरात्र के लिए चुनरी, नारियल, लड्डू गोपाल के वस्त्र, कलश और व्रत की सामग्री भी खरीदी।
शनि देव को चढ़ाया तेल, गुड़ और तिल
अमृत विचार, लखनऊ: शनि अमावस्या पर शहर के शनि मंदिरों में भोर से ही भक्तों की लाइनें लग गईं। भक्तों ने तेल, गुढ़, तिल चढ़ाया। पीपल को जल भी अर्पित किया। शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या कहते हैं। इस दिन कर्मफल दाता और न्याय के देवता शनि देव के पूजन का विशेष महत्व है। पूजन के लिए सबसे शुभ माना गया है। भक्तों ने शनि देव पर सरसों का तेल चढ़ाया और दीपक जलाया। साथ ही ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप किया।
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