बिजली कटौती के लिए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा: ऊर्जा मंत्री ने दी चेतावनी

मऊ/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि बिजली कटौती के लिए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। बुधवार शाम को शर्मा के एक कार्यक्रम में बिजली कटौती के कारण व्यवधान पैदा हो गया था, जिसके कारण उन्हें अंधेरे में सभा को संबोधित करना पड़ा था और बाद में मोबाइल की फ्लैश लाइट में अपने जूते ढूंढने पड़े थे। अपने गृह नगर मऊ में बृहस्पतिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समझाने-बुझाने के दिन खत्म हो गए हैं और अब बिजली क्षेत्र में लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछले तीन सालों में की गई निलंबन की कार्यवाहियों का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा, "जब मैं मंत्री बना था, तब बिजली की लाइनें खराब थीं, खंभे गिर रहे थे और ट्रांसफार्मर ओवरलोड थे। उस समय, अधिकारियों पर चिल्लाने या उन्हें निलंबित करने से समस्या हल नहीं होती थी। हालांकि, पिछले तीन सालों में 3,300 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और अब मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मऊ, गाजीपुर या दोहरीघाट में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने निर्देश दिया कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए नामित क्षेत्रों को निर्बाध बिजली मिलनी चाहिए,। शर्मा ने जोर देकर कहा कि सरकार ने बिजली विभाग की सभी मांगों को पूरा किया है, वित्तीय संसाधन, उपकरण, तकनीक और सुधारों को लागू करने के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित किया है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "अब गलतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’
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