कासगंज: आदेश को भूले अफसर, 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' का आदेश बेअसर

कासगंज: आदेश को भूले अफसर, 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' का आदेश बेअसर

कासगंज, अमृत विचार: शासन, परिवहन आयुक्त से लेकर जिला प्रशासन तक के आदेश पेट्रोल पंप वालों के लिए कोई मायने नहीं रखते। शहर के कई पेट्रोल पंप संचालकों ने परिसर में न तो 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' के होर्डिंग्स लगाए हैं और न ही इसका अनुपालन किया जा रहा है। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के आसानी से पेट्रोल मिल रहा है।

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए शासन स्तर से तमाम उपाय किए जा रहे हैं। पिछले महीने परिवहन आयुक्त ने पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों को पेट्रोल देने पर पाबंदी लगा दी थी। 26 जनवरी को डीएम मेधा रूपम ने भी सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस संबंध में आदेश जारी किया था कि सभी संचालक अपने-अपने पेट्रोल पंपों पर 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' के होर्डिंग्स लगाएं। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी ठीक कराएं और बिना हेलमेट के किसी को भी पेट्रोल न दें। यह आदेश सिर्फ दो से तीन दिन तक ही चला। इसके बाद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अब यह आदेश बेअसर साबित हो रहा है।

वाहन चालकों की प्रतिक्रिया
बाइक सवार अमित कुमार ने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' का आदेश जारी किया गया था, लेकिन इसका अमल सिर्फ दो-तीन दिन तक ही दिखा। अब यह आदेश बेअसर हो गया है। पेट्रोल पंप संचालकों को इसका पालन करना चाहिए।

आकाश ने कहा कि हेलमेट लगाना खुद की सुरक्षा है। शासन-प्रशासन द्वारा 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' का आदेश हादसों को रोकने के लिए जारी किया गया था। यह एक बहुत ही सराहनीय आदेश था। सभी लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना अनिवार्य करना चाहिए।

डीएसओ अरुण कुमार ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बिना हेलमेट के किसी को पेट्रोल न दें। अगर इसके बावजूद भी कोई पेट्रोल देता पाया जाता है, तो उसे नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाएगी। इसका पालन हर हाल में कराया जाएगा।

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