देवा महोत्सव: मंच पर दिखेगी डिजिटल और सूफी कलाकृतियों की छाप

ऑर्किटेक्ट प्रदीप ब्याहूत व सीपू जायसवाल तैयार कर रहे सांस्कृतिक मंच

देवा महोत्सव: मंच पर दिखेगी डिजिटल और सूफी कलाकृतियों की छाप

दीपराज सिंह/देवा, बाराबंकी, अमृत विचार। देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम में अबकी बार आधुनिक युग की छाप के साथ ही सूफी कलाकृतियों की झलक भी दिखाई देगी। जिसे लेकर आर्किटेक्ट प्रदीप ब्याहुत और सीपू जायसवाल मंच को सजाने में दिन रात एक किए हुए हैं। जल्द ही मंच नामचीन कलाकारों की मेजबानी करने के लिए तैयार हो जाएगा। दर्शकों के लिए यह सांस्कृतिक मंच एक अलग छठा बिखेरेगा।

जो रब है वही राम का संदेश देकर दुनिया को कौमी एकता का पैगाम देने वाले महान सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के वालिद सैय्यद कुर्बान अली शाह की याद में लगने वाला देवा मेले का सांस्कृतिक मंच अपने आप में बड़ी अहमियत रखता है। यहां कुरान शरीफ की आयतों के साथ ही वेद मंत्रों की आवाज भी गूंजती है। सीरतुन्नबी के साथ ही मानस सम्मेलन, कवि सम्मेलन और मुशायरा आदि कार्यक्रम मेले में आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। देवा मेला के इस मंच पर गुलाम अली, जगजीत सिंह, मनोज तिवारी, सपना अवस्थी, हंसराज हंस, राजू श्रीवास्तव और दलेर मेहंदी सहित कई विख्यात शख्सियत अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। 

आर्टिस्ट प्रदीप ब्याहुत बताते हैं कि कॉरीडोर में पारिजात और अन्य सूफी शैली के चित्रों को बनाया जाएगा और फ्रेम में परम्परागत चित्रकारी के साथ ही वारिस पाक के संदेशों की छाप बनाई जाएगी। जिससे लोगों को कौमी एकता का संदेश मिलेगा। इस बार यह मंच अलग तरह की छठा बिखेरेगा। एडीएम डॉ अरुण कुमार सिंह का कहना कि इस बार देवा महोत्सव में एक अलग तरह का मंच दर्शकों को देखने को मिलेगा। साथ ही कलाकारों की प्रस्तुतियां भी एकदम अलग होंगी। देवा महोत्सव को शानदार बनाने के लिये हर संभव कोशिशें की जा रही हैं।

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