बाराबंकी: मानकों में खामियों के चलते डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन सीज
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बाराबंकी, अमृत विचार। शहर के एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में 18 मार्च 2024 को निरीक्षण के दौरान सहयोग न करने व मानक के विपरीत सेंटर में तमाम तरह की खामियां पाए जाने को लेकर गुरुवार को डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन सेंटर के संचालक चिकित्सक व एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी द्वारा नामित मजिस्ट्रेट प्रियंका त्रिपाठी व नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डा. राजीव दीक्षित की मौजूदगी में सील कर दिया गया। साथ ही मशीन को संचालक की कस्टडी में सौंप दिया गया।
मामला नाका सतरिख स्थित रोहन डायग्नोस्टिक सेंटर का है। जहां अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किये जाने के दौरान वहां के संचालक द्वारा एंट्री गेट बंद कर दिया गया व केंद्र पर अधिकारियों का जांच में सहयोग नहीं किया गया था। और तो और निरीक्षण के समय अल्ट्रासाउंड मशीन खुली थी। कक्ष में अन्य कर्मचारी तो मिले लेकिन रजिस्टर्ड डाक्टर नदारत थे। हालांकि कुछ समय बाद वह कमरे में आ गए। 18 मार्च 2024 को इस केंद्र पर 24 मरीज के अल्ट्रासाउंड किए गए थे, लेकिन चिकित्सक द्वारा संबंधित अभिलेखो का निरीक्षण नहीं कराया जा सका। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड कक्ष में महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम भी नहीं मिला।
निरीक्षण में पाया गया कि सेंटर पर पीसीपीएनडीटी अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक निर्धारित वेशभूषा में नहीं दिखे और न ही पद के साथ नेम प्लेट लगा हुआ पाया गया। कमियां पाए जाने पर प्राधिकारी जिलाधिकारी द्वारा कारण बताओं नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। केंद्र संचालक के द्वारा निर्धारित समय पर कोई उत्तर न दिये जाने के बाद भी संचालक को 31 मई 2024 को सुनने का अवसर दिया गया। जिसमें संतोषजनक उत्तर संचालक द्वारा नहीं दिया जा सका। गुरुवार को तमाम खामियां पाए जाने की वजह के चलते रोहन डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन को अधिकारियों की मौजूदगी में सील कर दिया गया। इसके साथ ही पीसीपीएनडीटी अधिनियम के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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