भाजपा को मिले जनादेश से मोदी और योगी को संभलने की है आवश्यकता: पुरी शंकराचार्य

छह दिवसीय प्रवास पर झूंसी के शिवगंगा आश्रम पहुंचे पुरी शंकराचार्य        

भाजपा को मिले जनादेश से मोदी और योगी को संभलने की है आवश्यकता: पुरी शंकराचार्य

झूंसी/प्रयागराज, अमृत विचार। गोवर्धन मठ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि वर्तमान लोकसभा चुनाव में पूरे देश से भाजपा को मिले जनादेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वह प्रदेश के सीएम योगी को संभलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं इसके पीछे उनका अहंकार है। 

पुरी शंकराचार्य ने कहा कि अगर अभी ये न संभाले तो इनका अहंकार इन्हें और गिरा देगा। कहा कि इस वक्त दोनों में अहंकार की पराकाष्ठा है। पुरी शंकराचार्य ने यह बातें शनिवार को अपने झूंसी के शिवगंगा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। आम लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले जनादेश को लेकर किए गए सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने यह बातें कहीं।                                

पुरी शंकराचार्य ने कहा कि संतों की वाणी परिस्थिति को बना देती और और घटना को बता देती है। उदाहरण के लिए अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जी को प्रतिष्ठित किया। उन्होंने सोचा कि इसका परिणाम भाजपा के पक्ष में होगा। उन्होंने शास्त्रीय मर्यादा का उल्लंघन जान बूझकर किया। ऐसा सुना है कि भाजपा अयोध्या में भी हार गई।

पुरी शंकराचार्य ने कहा कि नरसिंहराव आए और मुझसे टकराए, सबको पता है उनकी क्या दुर्गति हुई। ज्योति बसु, मुलायम सिंह यादव और लालू यादव मुझसे टकराए। जो सत्ता में आता है, वह पुरी शंकराचार्य से टकराता है। हम किसी से टकराते नहीं, लेकिन अगर कोई मुझे टकराता है तो मैं तो हार मानता नहीं और वह चारों खाने चित हो जाता है। 

मोदी और योगी की ओर इशारा करते हुए पुरी शंकराचार्य ने कहा कि अभी भी यह अगर न संभले तो चारों खाने चित हो ही जाएंगे। कहा कि अभी सपा और कांग्रेस वाले होली मना रहे हैं।  उनके पौरूष से उनको विजय नहीं मिली है। बल्कि भाजपा की अदूरदर्शिता के कारण उनको विजय मिली है। 

केंद्र में बनने वाली गठबंधन की सरकार को लेकर किए गए सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि तोड़फोड़ और खरीद बिक्री का काम तो चलता है लेकिन अब छाती की चौड़ाई वो नहीं रह पाएगी, वाणी में पहले वाली ओजस्विता भी नहीं रहेगी। बीच में भी कोई घटना घट सकती है।

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