Ayodhya Ram Mandir: प्राण प्रतिष्ठा के दिन जच्चा-बच्चा में हुए 15 सिजेरियन प्रसव; लड़का राम लड़की हुई तो सीता पुकारा नाम...
कानपुर में प्राण प्रतिष्ठा के दिन जच्चा-बच्चा अस्पताल में 15 सिजेरियन प्रसव हुए।

कानपुर में प्राण प्रतिष्ठा के दिन जच्चा-बच्चा अस्पताल में 15 सिजेरियन प्रसव हुए, जबकि डफरिन अस्पताल में दो सिजेरियन प्रसव हुए।
कानपुर, अमृत विचार। अयोध्या में जिस शुभ मुहूर्त में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा में आरती व पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उसी शुभ मुहूर्त में कानपुर के दो बड़े अस्पतालों में तीन राम लल्ला ने भी जन्म लिया। घरवालों का मानना है कि राम जैसी छवी बच्चों में दिख रही थी, इनमें अन्य बच्चों की अपेक्षा ज्यादा तेजपन था। साथ ही ऐतिहासिक दिन में दोनों अस्पतालों में 39 बच्चों ने जन्म लिया है।
अयोध्या में भव्य राममंदिर में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश का जश्न महौल रहा। लेकिन कानपुर के तीन घरों में यह खुशी दोगनी से कई अधिक तब बढ़ गई, जब उनके तीन घर में राम लल्ला ने उसी शुभ मुहूर्त में जन्म लिया। जब अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। उनका मानना है कि शुभ मुहूर्त में जन्म लेने से बच्चों में श्रीराम की तरह ही गुण होंगे।
इस खास दिन में कुछ गर्भवतियों ने प्रसव कराने की इच्छा भी जाहिर की थी। इसके लिए कुछ गर्भवतियां समय से पहले ऑपरेशन कराने को भी तैयार थी। लेकिन जिनकी तिथि 22 जनवरी या इसके आसपास थी, उनका ऑपरेशन जरूर किया गया है। शारदा नगर निवासी अनूप मिश्रा ने बताया कि पत्नी भारती मिश्रा ने प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन प्रसव की इच्छा जाहिर की थी। डेथ भी इसी दिन की मिली और सौभाग्य से सही मुहूर्त में बच्चे ने हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल में ऑपरेशन से जन्म लिया।
इसी तरह अनुज की पत्नी भारती ने भी शुभ मुहूर्त में बेटे को जन्म दिया। रजनी ने प्राण प्रतिष्ठा के दिन जन्मे बेटे का नाम वसुदेव रखा। वहीं, राम के साथ ही जानकी ने भी जन्म लिया। आदित्य कुमार ने बताया कि पत्नी शिवानी ने ऐतिहासिक दिन एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है, जिनको माता सिता मानकर उसका नाम जानकी रखा गया है। वहीं, डफरिन अस्पताल में स्वाती शुक्ला ने बेटे को जन्म दिया। तीनों माताओं ने अपने बच्चे के नाम राम, राघव व वसुदेव के नाम पर रखे है।
किसी महिला को नहीं हुई जटिल समस्या
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीना गुप्ता ने बताया कि 22 जनवरी को शाम तीन बजे तक 25 प्रसव हुए है, जिनमें 15 ऑपरेशन और 10 नॉर्मल डिलीवरी हुई। मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा द्विवेदी का कहना है कि 15 लड़के व 10 लड़कियों ने जन्म लिया है। डॉ. वंदना शर्मा व डॉ. पाविका लाल ने बताया कि अस्पताल में सोमवार को जितने भी प्रसव कराए गए है, उनमें जच्चा-बच्चा को किसी प्रकार कोई समस्या नहीं आई और सभी स्वस्थ है।
कोई भी जटिल केस नहीं आया। यह भी इस दिन की बड़ी खासियात रही। डफरिन अस्पताल की प्रबंधक डॉ.दरख्शा परवीन ने बताया कि अस्पताल में 14 बच्चों ने जन्म लिया है, जिनमें नौ लड़के और पांच लड़की है। तीन बच्चे ऑपरेशन और 11 समान्य प्रसव से हुए है। किसी को कोई दिक्कत नहीं आई।