मुरादाबाद : अधिक डायटिंग के चक्कर में गवां रहे शरीर का पोषण, कई महिलाएं आईं टीबी की चपेट में
प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण कई महिलाएं टीबी की चपेट में आ गई, जिला अस्पताल में प्रतिदिन आ रहे तीन-चार केस

मुरादाबाद, अमृत विचार। मोटापा कम करने के चक्कर में महिलाएं डायटिंग कर रही हैं। खानपान पर विशेष ध्यान नहीं देने से उनकी सेहत खराब हो रही है। कई तो टीबी के चपेट में भी आ गईं हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सक के पास प्रतिदिन तीन-चार केस ऐसे आ रहे हैं, जिनमें ब्यूटी बोन दिखाने की चाह में युवतियां आ रही हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार बताते हैं कि कम समय में वजन घटाने की युवाओं में होड़ सी मची हुई है। एक या दो महीने में पांच से सात किलो वजन घटाने के लिए युवा डाइटिंग करने के साथ कठिन परिश्रम भी करते हैं। जिससे इनका शरीर तो पतला हो जाता है, लेकिन प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इस कारण से कई लोगों को टीबी का संक्रमण आसानी से घेर लेता है। यह संक्रमण हवा के माध्यम से फैलता है। किसी भी टीबी पीड़ित व्यक्ति के छींकने, थूकने या श्वास के माध्यम से फैल सकता है। ऐसे में जब लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजाेर होती है तो वे लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं।
15 से 20 किलो वजन कम करने की जिद
चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कुमार बताते हैं कि हैरत ये है कि संपन्न परिवार की युवतियां टीबी की चपेट में आ रही है। सभी की केस हिस्ट्री में पता चला है कि उन्हें वजन कम करने का शौक है। उन्होंने कहा कि कई मरीज तो ऐसे आ रहे हैं जो साल में 15 से 20 किलो वजन कम करना चाहते हैं। प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से उन्हें बीमारी घेर लेती है।
प्रकरण एक
पूजा ने बताया कि उसकी शादी होने वाली थी। उन्होंने शादी के पहले वजन कम करने के लिए डायटिंग शुरू कर दी। हर रोज सात किमी पैदल चलती थी। सिर्फ एक समय भोजन करती थी। अचानक बुखार व खांसी हुई। सामान्य समझकर इलाज करा रही थी। लेकिन बाद में जांच हुई तो टीबी निकला।
प्रकरण दो
32 वर्षीय अंजूमारी का वजन 89 किलो था। उन्हें अपने वजन को लेकर चिंता हो गई थी। इस कारण वह वजन कम करने के लिए डायटिंग करने लगी। वजन कम हुआ, लेकिन वह टीबी की चपेट में आ गई।
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