रामनगर: ग्रामीणों ने कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला झिरना पर्यटन जोन में रोकी पर्यटकों की राह

रामनगर, अमृत विचार। ग्रामीणों ने कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला झिरना पर्यटन ज़ोन में रोकने के दौरान पुलिस ने जबरन एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियो को गिरफ्तार किया है। इस दौरान प्रदर्शन कारियो की काफी समय तक पुलिस से तीखी नोकझोक भी हुई। बता दें कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कौरव घोषित कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने धरना देते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का ढेला झिरना पर्यटन ज़ोन को बंद कर दिया था।
प्रदर्शनकारी घने कोहरे की बीच तड़के ही सुबह पांच बजे से ही ग्रामीण बैठे सड़कों पर उतर पड़े थे। इस दौरान प्रदर्शनकारी ढेला और झिरना पर्यटन जॉन के गेट पर कॉर्बेट प्रशासन, प्रदेश सरकार व स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए एवं प्रदर्शन कर दोनो जोन बंद कर दिए थे। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से वन विभाग चिन्हित बाघ को ट्रेंकुलाइज नहीं कर पाया है, जिससे गांव में आतंक फैला हुआ है।
इससे पूर्व भी दो बार ग्रामीण ढेला झिरना पर्यटन ज़ोन को बंद कर चुके है। ग्रामीणों की मांग है कि पिछले माह बाघ के हमले में मारी गयी अनिता देवी के परिवार को 25 लाख मुवाज़ा और बाघ के हमले में पिछले माह में ही बाघ के हमले में घायल अंकित का इलाज कॉर्बेट प्रशासन अपने खर्चों पर करवाये तथा उसके परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारी मुनीष कुमार का कहना है कि पटरानी की 32 वर्षीय अनीता देवी परिजनों को नौकरी भी दी जाए।
और ग्रामीणों को वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाए। बता दें कि कॉर्बेट पार्क में जोनो के अंदर सफारी के लिए छह बजे से जंगल के अंदर एंट्री होती है।वहीं ग्रामीण सुबह पांच बजे से ही सांवल्दे के बावलिया क्षेत्र में रोड पर बैठकर अपना विरोध ब्यक्त कर रहे थे।
इन मांगों को लेकर शनिवार को कॉर्बेट पार्क के अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन की ग्रामीणों के साथ वार्ता भी हुई लेकिन यह वार्ता बेनतीजा रही।इसके बाद ग्रामीणों ने रविवार को अपना प्रदर्शन जारी रखा।मौके पर पहुंचे पार्क के अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाया लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस आंदोलनकारियों को तहसील परिसर में स्थित प्रशासनिक भवन में ले गईं।इससे प्रदर्शन कर रहे लोगों के तेवर और ज्यादा उग्र हो गए और उन्होंने ऐलान किया कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह अब कॉर्बेट नेशनल पार्क के सभी पर्यटन जोनों को बंद करेंगे। हिरासत में लिए उपपा नेता प्रभात ध्यानी ने आमरण अनशन किए जाने का एलान किया।
उन्होंने इस सारे मामले का जिम्मेदार कार्बेट के निदेशक धीरज पांडे को बताया। उन्होंने कहा कि वह ग्रामीणों की बात को नजरअंदाज करते रहे। वार्ता के लिए बुलाकर खुद कार्यालय से निकल गए यही वजह प्रदर्शन की बनी। लेकिन समाधान न होने तक आंदोलन थमने वाला नही है। दमन के आगे ग्रामीण झुकने वाले नही है।वही मामले में तहसीलदार कुलदीप पांडे ने बताया कि ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व में ही इस क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई थी लेकिन आज ग्रामीणों द्वारा इसका उल्लंघन किया गया है ,इसमें प्रशासन द्वारा धारा 144 का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।